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उत्तराखंड

अगस्त्यमुनि में महिलाओं की रामलीला शुरू

रामलीला

महिलाओं का अभिनय काबिल-ए-तारीफ
पहले दिन राम जन्म के साथ ही ताड़का वध की लीला हुई संपंन
अगस्त्यमुनि!
अगस्त्यमुनि में महिलाओं द्वारा अभिनीत ऐतिहासिक रामलीला का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ हुआ। पहली बार क्षेत्र में हो रही महिला रामलीला को लेकर क्षेत्र वासियों में भारी उत्साह बना है। राम भक्त बड़ी संख्यां मंें देर रात्रि तक रामलीला का आनंद ले रहे हैं। महिलाओं का अभिनय लाजबाब है।

रामलीला के पहले दिन शिव आराधना का मंचन किया गया। एक ओर जहां रावण ने अपने भाइयों कुम्भकरण एवं विभीषण के साथ कैलाश पर्वत में शिव की घोर तपस्या कर वरदान मांगा, तो वहीं दूसरी ओ अयोध्या में रामजन्म होने पर खुशियां मनाई गई। राम के बड़े होने पर गुरु विश्वमित्र द्वारा अपने आश्रम की असुरों से रक्षा करने के लिए राम एवं लक्षमण को राजा दशरथ से मांगा। जहां राम द्वारा गुरु विश्वमित्र की पूजा अर्चना में विघ्न डालने आयी राक्षसी ताड़का वध किया गया|

श्री केदार बद्री मानव श्रम समिति की ओर से 11 दिवसीय महिला रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। इस रामलीला में मंचन से रिहर्सल, डाॅयरेक्षन, और मंच निर्माण तक की जिम्मेदारी मंडली की करीब 20 उत्साही महिलाओं के जिम्मे है। जिनमें 72 वर्षीय सावित्री तंगवाण से लेकर 10 वर्षीय दिया राणा तक षामिल है। रामलीला के मुख्य पात्रों में कंडारा गाँव की विलोचना देवी राम, बावई गाँव की आरती गुँसाई सीता, ग्वाई कर्णप्रयाग की बीरा फरस्वाण लक्षमण, कर्णप्रयाग की लक्षमी रावत रावण और कल्पेश्वरी देवी भरत, अगस्त्यमुनि की सतेश्वरी रौथाण मेघनाथ, बावई गाँव की मीना राणा सुलोचना का किरदार निभा रही है। अध्यापन पेशे से जुड़ी अध्यापिक लक्ष्मी शाह सबरी और मंथरा, राजेश्वरी पंवार दशरथ, राजश्री भंडारी विभीषण, पुष्पा रावत कैकयी, कुसुम भट्ट ऋषि वशिष्ठ की भूमिका निभा रही है। महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी और पूर्व प्रधान रह चुकी माधुरी नेगी बाली और सतेश्वरी रौथाण मेघनाथ बनी है। स्कूल में पढ़ रही 13 वर्षीय अदिति रौथाण शत्रुघन और 10 वर्षीय दीया राणा गणेश का पात्र निभाएगी।

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