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उत्तराखंड

चिकित्सक की तैनाती को लेकर सीएमओ से मिला जनाधिकार मंच

फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहा स्वास्थ्य केन्द्र

रुद्रप्रयाग। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र थाती बड़मा में डाॅक्टर की तैनाती की मांग को लेकर जन अधिकार मंच के संयोजक मंडल ने मुख्य चिकित्साधिकारी से मुलाकात की। मंच ने सीएमओ से जल्द से जल्द डाॅक्टर की तैनाती की मांग की। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दिग्धार (बड़मा) में तैनात डाॅक्टर को जखोली स्वास्थ्य केन्द्र में अटैच किए जाने पर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। स्थिति यह है कि स्वास्थ्य केन्द्र फार्मेसिस्ट के भरोसे संचालित हो रहा है।

सोमवार को जनाधिकार मंच के संयोजक मंडल ने सीएमओ से मुलाकात की। संयोजक मंडल ने सीएमओ को बताया कि बड़मा पट्टी की 15 हजार की आबादी क्षेत्र में एक भी चिकित्सक तैनात नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों को उपचार के लिए सीधे अगस्त्यमुनि या फिर रुद्रप्रयाग आना पड़ रहा है। थाती बड़मा के साथ ही मुन्नादेवल, धरियांज, जखोली, किरोड़ा मल्ला, किरोड़ा तल्ला, सेमकोटी, डंगवाल गंाव, घणतगंाव, ब्राहमणगांव, डोब्लिया, मरोड़ा समेत कई गांव के ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर निर्भर हैं।

संयोजक मंडल में शामिल वरिष्ठ पत्रकार रमेश पहाड़ी, एडवोकेट केपी ढौंडियाल, बड़मा विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष कालीचरण रावत, शिक्षक नेता मगनानंद भट्ट, राय सिंह रावत, रमेश नौटियाल, मोहित डिमरी ने कहा कि क्षेत्र में डाॅक्टर न होने से जनता को एक छोटी सी बीमारी के लिए जिला चिकित्सालय के साथ ही बेस चिकित्सालय श्रीनगर की दौड़ लगानी पड़ रही है। गर्भवती महिलाओं व एक्सीडेंटल मामलों में समय से इलाज न मिलने पर अनहोनी हो जाती है। उन्होंने कहा कि डाक्टर ने मार्च माह में ज्वाइनिंग देने के बाद दर्शन नहीं दिए। केन्द्र में दो डाक्टरों के पद सृजित होने के बाद भी एक भी डाक्टर यहां तैनात नहीं है। सीएमओ ने ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए संयोजक मंडल को आश्वस्त किया कि एक पखवाड़े के भीतर स्वास्थ्य केन्द्र में डाॅक्टर की तैनाती कर दी जाएगी।

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