उत्तराखंड

चारधाम यात्रा में हाई अलर्ट, ATS तैनात, यूट्यूबर-ब्लॉगर पर पुलिस की पैनी नजर..

चारधाम यात्रा में हाई अलर्ट, ATS तैनात, यूट्यूबर-ब्लॉगर पर पुलिस की पैनी नजर..

 

 

उत्तराखंड: आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया है। यात्रा मार्ग से लेकर सभी धाम परिसरों तक सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके। इसी क्रम में आतंकवादी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) को भी विशेष रूप से तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही धाम परिसरों में आने वाले यूट्यूबर और ब्लॉगर भी पुलिस की निगरानी में रहेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भ्रामक गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

इस संबंध में दीपम सेठ ने सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान निर्धारित एसओपी का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में यात्रा से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। यात्रा शुरू होने से पहले धामों और यात्रा मार्ग का गहन निरीक्षण करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी तय की गई है। गंगोत्री धाम, बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम सहित प्रमुख स्थलों का निरीक्षण एडीजी और आईजी स्तर के अधिकारी करेंगे। इसके अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश, लक्ष्मण झूला और मुनि की रेती जैसे प्रमुख पड़ावों पर भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।

इन निरीक्षणों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण, हाल्टिंग प्वाइंट्स, टोकन सिस्टम, रजिस्ट्रेशन केंद्र और पुलिस बल के ठहरने की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का बारीकी से आकलन किया जाएगा। साथ ही, यात्रा मार्ग पर संवेदनशील स्थानों जैसे बॉटलनेक और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त मॉकड्रिल भी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक की मदद से निगरानी को और मजबूत किया जाएगा तथा मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग के जरिए यातायात नियंत्रण को प्रभावी बनाया जाएगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और इस बार यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-हितैषी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यात्रा के दौरान हर स्तर पर सतर्कता बरती जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ये निर्देश भी दिए..

आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ लगातार समन्वय स्थापित रखा जाए।

होटल, ढाबे, टेंट, घोड़ा-खच्चर संचालक, पालकी संचालक, टैक्सी चालक सहित यात्रा से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं और अस्थायी रूप से कार्यरत स्थानीय व बाहरी व्यक्तियों का अनिवार्य सत्यापन किया जाए।

सोशल मीडिया और मीडिया ब्रीफिंग के माध्यम से यात्रियों को समय-समय पर सही सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं।

चारधाम यात्रा के दौरान भ्रामक सोशल मीडिया पोस्टों पर सख्त तत्काल कार्रवाई की जाए।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के संचालन से राज्य में आने वाले वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि होगी जिसके लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।

मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन व कैमरा के प्रयोग पर एसओपी का सख्ताई से पालन कराया जाए।

ब्लॉगर और यूट्यूबरों की गतिविधियों पर भी सतर्क दृष्टि रखी जाए।

सुरक्षा के मद्देनजर, धामों पर निजी ड्रोनों के संचालन के संबंध में जारी की गई एसओपी का कड़ाई से पालन कराया जाए।

 

 

 

 

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