उत्तराखंड फिल्म नीति के तहत मिलेगा फिल्म पुरस्कार..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में फिल्म निर्माण और स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद पहली बार राज्य में फिल्म पुरस्कारों का आयोजन करने जा रही है। इन पुरस्कारों के जरिए प्रदेश में तैयार और फिल्माई गई फिल्मों के साथ-साथ कलाकारों, तकनीशियनों और फिल्म क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों को सम्मानित किया जाएगा। फिल्म पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक फिल्म निर्माता, कलाकार और फिल्म विधा से जुड़े लोग 16 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन परिषद की आधिकारिक वेबसाइट http://ufdc.uk.gov.in के माध्यम से किए जाएंगे।
स्थानीय फिल्मों और प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
राज्य की फिल्म नीति के तहत आयोजित होने वाले इन पुरस्कारों में वर्ष 2024 और 2025 के दौरान उत्तराखंड में निर्मित या शूट की गई फिल्मों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी सहित प्रदेश की अन्य क्षेत्रीय बोलियों में बनी फिल्मों के साथ हिंदी और संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भारतीय भाषाओं की फिल्मों को भी पुरस्कारों के लिए पात्र माना गया है। पुरस्कारों के दायरे में केवल फिल्में ही नहीं, बल्कि अभिनय, तकनीकी कार्य और फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न रचनात्मक क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाले लोगों को भी शामिल किया जाएगा। इससे स्थानीय कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को अपनी प्रतिभा सामने लाने का अवसर मिलेगा।
शूटिंग डेस्टिनेशन के तौर पर पहचान बनाने पर जोर
उत्तराखंड अपनी पहाड़ी वादियों, हिमालय, नदियों, झीलों, जंगलों और धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के कारण लंबे समय से फिल्म निर्माताओं के आकर्षण का केंद्र रहा है। राज्य सरकार फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देकर उत्तराखंड को प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। परिषद के अनुसार, 2019-20 से 2025-26 के बीच प्रदेश में 1440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग और फिल्म से जुड़ी अन्य गतिविधियां दर्ज की गईं। फिल्म निर्माण गतिविधियों का लाभ होटल, परिवहन, कैटरिंग और स्थानीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों को भी मिला है, जिससे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं।
52 फिल्मों को मिल चुका है अनुदान
राज्य में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच 52 फिल्मों को अनुदान दिया गया। इनमें हिंदी फिल्मों के अलावा गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और अन्य उत्तराखंडी भाषाओं में बनी फिल्में भी शामिल हैं। अकेले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान दिया गया। फिल्म पुरस्कारों के आयोजन को प्रदेश की स्थानीय फिल्म इंडस्ट्री, कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके जरिए उत्तराखंड की लोक संस्कृति और यहां की प्रतिभाओं को बड़े स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।