गोपेश्वर में सीएम धामी की जन चौपाल, 1,737 आवेदनों का हुआ समाधान..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चमोली जिले के गोपेश्वर में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान आम लोगों से सीधा संवाद किया। जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने कृषि, सड़क, उद्यान, स्वरोजगार, पशुपालन और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। कई मामलों में मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देकर समाधान कराया, जबकि अन्य मामलों के जल्द निस्तारण के आदेश दिए। पुलिस मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रशासन के मुताबिक शिविर में 7,472 लोगों ने भाग लिया। विभिन्न विभागों को 1,737 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका निस्तारण शिविर के दौरान किया गया। इसके अलावा 203 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 172 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। वहीं 4,632 लोगों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया गया।
जनसुनवाई के दौरान नंदानगर ब्लॉक के खलतरा गांव की सरिता देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि क्षेत्र में झंगोरे का उत्पादन तो अच्छा होता है, लेकिन मड़ाई और प्रोसेसिंग की सुविधा नहीं होने से किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाते। इस पर मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को तुरंत मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर ही उन्हें झंगोरा प्रोसेसिंग एवं मड़ाई मशीन उपलब्ध करा दी। दशोली ब्लॉक के रौली ग्वाड़ निवासी नीरज भट्ट ने लिलियम की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को एक महीने के भीतर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि किसान समय पर खेती शुरू कर सकें।
इसी तरह ज्योतिर्मठ के बड़ागांव निवासी गुलशन सिंह राणा ने पोल्ट्री फार्म शुरू करने के लिए सहायता मांगी। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत प्रस्ताव स्वीकृत कर आवश्यक सहयोग देने को कहा। जनसुनवाई के दौरान दशोली ब्लॉक के कौजपोथनी गांव निवासी जयदीप सिंह ने लोक निर्माण विभाग में ठेकेदारी पंजीकरण चार दिनों से लंबित होने की शिकायत की। सीएम ने मौके पर ही संबंधित अधिकारी को सभी औपचारिकताएं पूरी कर उसी दिन पंजीकरण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। पोखरी ब्लॉक के नौली गांव निवासी देवेन्द्र सिंह ने एप्पल मिशन के तहत सेब के पौधे और एंटी-हेल नेट उपलब्ध कराने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग को अनुदान सहित सभी पात्र योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री और वित्तीय सहायता भी वितरित की गई। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से छह महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट दी गई, जबकि समाज कल्याण विभाग ने तीन लाभार्थियों को पुत्री विवाह अनुदान प्रदान किया।
कृषि विभाग की ओर से किसानों और स्वयं सहायता समूहों को फार्म मशीनरी बैंक, झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन, घास काटने की मशीनें और फेंसिंग सामग्री उपलब्ध कराई गई। वहीं कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले किसान उत्पादक संगठनों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित भी किया। सहकारिता विभाग ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण के चेक वितरित किए, जबकि उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत पॉलीहाउस, मशरूम उत्पादन, कीवी मिशन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े लाभार्थियों को लाखों रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत भी कई युवाओं को वित्तीय सहायता के चेक सौंपे गए। कार्यक्रम के अंत में सीएम ने हरेला पर्व के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाना है और जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।