उत्तराखंड

भराड़ीसैंण में CM धामी का अग्निवीरों से संवाद, रोजगार सुरक्षा का आश्वासन..

भराड़ीसैंण में CM धामी का अग्निवीरों से संवाद, रोजगार सुरक्षा का आश्वासन..

 

 

 

 

उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्र के बाद भराड़ीसैंण में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने जा रहे कैडेट्स से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के सवालों के बेबाक जवाब दिए और उनके उत्साह की सराहना की। कार्यक्रम में कैडेट्स ने सेना, राजनीति, परिवार और अपने भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सीएम से प्रश्न किए। संवाद के दौरान एक कैडेट ने सैनिक परिवार से जुड़े अनुभवों को लेकर सवाल किया कि क्या कभी उनका मन भी सेना में जाने का हुआ। इस पर सीएम ने कहा कि सेना में सेवा देना अत्यंत सम्मानजनक है और सैनिकों का जीवन अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल होता है। उन्होंने कहा कि अपने पिता से उन्हें सैनिक जीवन के संस्कार मिले हैं और वे स्वयं भी अपने दायित्वों का निर्वहन सैनिक जैसी प्रतिबद्धता के साथ करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने प्रदेश की जनता को ‘देवतुल्य’ बताते हुए कहा कि वे मुख्य सेवक के रूप में पूरी निष्ठा से उनकी सेवा कर रहे हैं।

एक अन्य कैडेट ने निजी जीवन और पारिवारिक समय को लेकर सवाल पूछा। जिस पर सीएम ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्ति की जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर नागरिक उनका परिवार है और राज्य का हर गांव उनके अपने गांव की तरह है, इसलिए वे पूरे प्रदेश को ही अपना परिवार मानते हैं। अग्निवीर सेवा के बाद रोजगार की संभावनाओं को लेकर उठे सवाल पर सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार भी विभिन्न क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और उनके पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

सीएम से उनकी ‘धाकड़ धामी’ पहचान को लेकर भी सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का व्यवहार हमेशा सौम्य होना चाहिए, लेकिन राज्यहित और जनहित में कई बार साहसिक और कठोर फैसले लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके साथ ही राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून भी लागू किए गए हैं। पिछले वर्षों में सरकार ने जनअपेक्षाओं के अनुरूप कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। एक कैडेट ने सीएम से उनकी हमेशा मुस्कुराती छवि का रहस्य भी पूछा। इस पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का आशीर्वाद उन्हें निरंतर ऊर्जा और प्रेरणा देता है। सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और विभिन्न क्षेत्रों में उत्तराखंड ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तैनात सैनिक कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान वीरभूमि के रूप में है और यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैन्य बलों में सेवाएं दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात बढ़ रहा है और सेना का निरंतर आधुनिकीकरण किया जा रहा है। राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। देहरादून में भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जहां वीर बलिदानियों की गाथाएं और स्मृतियां संरक्षित की जाएंगी। सीएम ने पूर्व सैनिकों को अपना अभिभावक बताते हुए उनके अनुभवों को राष्ट्र की धरोहर बताया।

 

 

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