सीएम धामी ने स्मारिका का किया विमोचन, कर्मचारियों को खेल अपनाने की सलाह..
उत्तराखंड: देहरादून स्थित सचिवालय में मंगलवार को एक प्रेरणादायक और सकारात्मक पहल के तहत सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा प्रकाशित स्मारिका “प्रयास बेहतर कल के लिए” का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सचिवालय से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और क्लब के सदस्य भी मौजूद रहे। सीएम ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि कार्यस्थल पर स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में जहां कार्य का दबाव लगातार बढ़ रहा है, वहां शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे में खेल गतिविधियां एक प्रभावी माध्यम के रूप में सामने आती हैं, जो व्यक्ति को न केवल शारीरिक रूप से फिट रखती हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जैसे गुण विकसित होते हैं, जो किसी भी संस्थान की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं।
उन्होंने सचिवालय में कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने व्यस्त कार्यकाल के बीच भी समय निकालकर नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लें। सीएम ने कहा कि जब कर्मचारी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होंगे, तो उनकी कार्यकुशलता भी बढ़ेगी और इसका सीधा लाभ शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में दिखाई देगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कार्यालयों में इस प्रकार की पहलें कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय और सामूहिकता को मजबूत करती हैं। इस दौरान सीएम ने स्मारिका “प्रयास बेहतर कल के लिए” में प्रकाशित लेखों, उपलब्धियों और क्लब की गतिविधियों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रकाशन कर्मचारियों की रचनात्मकता को मंच प्रदान करते हैं और उनकी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर देते हैं। साथ ही यह नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं, जो खेल और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास कर सकती है।
सीएम ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा किया गया यह प्रयास आने वाले समय में और अधिक लोगों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी संस्थानों में इस प्रकार की पहलें निरंतर जारी रहती हैं, तो इससे न केवल कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव आएगा, बल्कि एक स्वस्थ, ऊर्जावान और सक्रिय कार्यबल का निर्माण भी संभव होगा। कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश सामने आया कि खेल और रचनात्मक गतिविधियां केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह बेहतर कार्य संस्कृति, मानसिक स्वास्थ्य और संस्थागत विकास की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार करती हैं। उत्तराखंड सचिवालय में इस प्रकार की पहल को भविष्य में और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई गई है।