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उत्तराखंड

सीएम धामी ने पेंशनधारियों को दी सौगात, धनराशि बढ़ाने की घोषणा..

सीएम धामी ने पेंशनधारियों को दी सौगात, धनराशि बढ़ाने की घोषणा..

वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई जाएगी नीति..

 

 

 

 

उत्तराखंड: स्वतंंत्रता दिवस के अवसर पर सीएम धामी ने प्रदेश के लिए कई घोषणाएं की। सीएम धामी का कहना हैं कि स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व पर हम यह संकल्प ले कि हमारे जो भी कर्तव्य और दायित्व हैं हम उनका पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करें। और भारत को समृद्ध सुरक्षित और सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ वीरभूमि भी है। हमें उन वीरों के बलिदान और शौर्य के सम्मान के लिए यह प्रण लेना है कि हम विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत बनाने के लिए अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे। उनका कहना हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

 

1- प्रत्येक जनपद में एक स्थानीय निकाय को आदर्श निकाय के रूप में विकसित किया जाएगा।

2- उद्योग, बागवानी तथा कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले काश्तकारों, उद्यमियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरूस्कार के रूप में क्रमशः एक लाख, 75 हजार एवं 50 हजार की धनराशि प्रदान की जाएगी।

3- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के नियमित कर्मचारियों हेतु ’’कर्मचारी व्यक्तिगत ऋण योजना’’ लागू की जाएगी।

4- वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना, दिव्यांग पेंशन योजना, जन्म से दिव्यांग बच्चों को अनुदान योजना और परित्यक्ता पेंशन योजना में वर्तमान में निर्धारित मासिक आय 4000 से बढ़ाकर 6000 प्रतिमाह किया जाएगा।

5- युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु कौशल विकास योजनान्तर्गत प्रशिक्षण की विषय-वस्तु का निर्धारण जिला कौशल विकास समिति द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जायेगा।

6- वरिष्ठ नागरिकों के समग्र कल्याण के लिए नीति बनायी जाएगी।

7- राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और ट्राउट मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ’’मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना’’ के अंतर्गत मत्स्य विभाग में रुपए 200 करोड़ की योजना शुरू की जाएगी।

8- राज्य के पशुपालकों को आधुनिक पशुचिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से 75 करोड़ रूपये की लागत से सभी जनपदों में एक-एक मॉडल पशु चिकित्सालय स्थापित किए जाएंगे। जिससे लगभग 11 लाख पशुपालक परिवारों के पशुधन को सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी।

 

 

 

 

 

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