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उत्तराखंड

चार दिन बाद केदारनाथ हाईवे के बांसबाड़ा में आवाजाही शुरू…

केदारनाथ जाने वाले तीर्थ यात्रियों ने ली राहत की सांस.. 

हाईवे बंद होने से 80 किमी का अतिरिक्त सफर तय करने को मजबूर थे लोग.. 

केदारघाटी में होने लगी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, केदारनाथ हाईवे के कई जगहों पर ढह गए हैं पुश्ते… 

रुद्रप्रयाग। केदारघाटी और केदारनाथ यात्रा की लाइफ रुद्रप्रयाग-गौरीकुण्ड राजमार्ग के बांसबाड़ा में बंद होने के बाद मार्ग को चैथे दिन खोल दिया गया है। यहां पर भारी मलबा और बोल्डर आने से राजमार्ग बंद था, जिसे काफी मशक्कत के बाद खोल दिया गया है। इसके अलावा अन्य चार जगहों पर भी बंद पड़े राजमार्ग को आवाजाही के लिए सुचारू कर दिया गया है। राजमार्ग के खुलने के बाद केदारघाटी की जनता और केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली, जबकि केदारघाटी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति होने लगी है।

बता दें कि केदारघाटी में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। जहां ग्रामीण इलाकों में मूसलाधार बारिश से खेत, खलिहान, आवासीय भवनों को नुकसान पहुंच रहा हैं, वहीं रुद्रप्रयाग-गौरीकुण्ड नेशनल हाईवे भी जानलेवा बना हुआ है। हाईवे के कई जगहों पर आवागमन करना किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है। हाईवे के बांसबाड़ा में पहाड़ी से लगातार आ रहे मलबे और बोल्डर गिरने से राजमार्ग को चैथे दिन खोला गया, जबकि अन्य जगहों पर भी राजमार्ग बंद पड़ा था। जिसे अब आवागमन के लिए सुचारू कर दिया गया है। राजमार्ग के बांसबाड़ा में सबसे अधिक दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। एक ओर मंदाकिनी नदी भी विकराल रूप धारण किए हुए है तो दूसरी ओर पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है।

आॅल वेदर कार्य के बाद से राष्ट्रीय राजमार्ग केदारनाथ की हालत बदतर हो चुकी है। राजमार्ग पर डेंजर जोन सक्रिय हो गए हैं, जो बरसाती सीजन में मुसीबत बनकर बरसते हैं। मंदाकिनी नदी के विकराल रूप धारण करने से बांसबाड़ा में हाईवे का एक बड़ा एक हिस्सा ढह गया है, जिससे यहां पर पहाड़ी काटकर मार्ग को तैयार किया गया है। यहां पर राजमार्ग अब बेहद संकरा भी हो गया है, जिस कारण दुर्घटना का अधिक खतरा बन गया है। राजमार्ग के दुरूस्त होने के बाद केदारघाटी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति होने लगी है।

राष्ट्रीय राजमार्ग खण्ड के अधिशासी अभियंता जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण लैंडस्लाइड हो रहा है, जबकि मंदाकिनी नदी का प्रवाह भी ज्यादा है। लैंड स्लाइड वाले स्थानों पर मशीनों को तैनात किया गया है। बांसबाड़ा में राजमार्ग काफी डेंजर बन गया है।

यहां पर हर दिन राजमार्ग बंद हो रहा है। ऊपरी पहाड़ी से छोटे-छोटे बोल्डर गिरने में लगे हैं, जबकि बोल्डर भी आ रहे हैं। विभाग की ओर से 35 मशीनें तैनात की गई हैं, जिससे राजमार्ग के बंद होने पर शीघ्र कार्य शुरू किया जा सके।

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