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उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और धरोहर को बचाने के लिए हम सब को मिलकर काम करना होगा-ऋतु खंडूड़ी..

उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और धरोहर को बचाने के लिए हम सब को मिलकर काम करना होगा-ऋतु खंडूड़ी..

 

 

 

उत्तराखंड: विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने शुक्रवार को गैरसैंण में आयोजित पांच दिवसीय कृषि, उद्यान एवं पर्यटन विकास मेले के तीसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उनके आगमन पर पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला। मेले में पहुंचने पर मेला समिति की ओर से विधानसभा अध्यक्ष का पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों और फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। वहीं पारंपरिक वेशभूषा में सजी क्षेत्रीय महिलाओं ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मेला अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुख दुर्गा रावत ने विधानसभा अध्यक्ष का मेले में आगमन पर आभार व्यक्त किया और उन्हें क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं एवं विकास कार्यों से जुड़ा एक मांग पत्र भी सौंपा। मेले के दौरान स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, जैविक खेती और पर्यटन संभावनाओं से जुड़ी प्रदर्शनी ने लोगों का विशेष आकर्षण खींचा। विधानसभा अध्यक्ष ने मेले के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए संकल्पबद्ध है और गैरसैंण जैसे क्षेत्रों में पर्यटन, कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जनसभा को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जो हमारी परंपराओं को आगे बढ़ाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और धरोहर को बचाने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने गैरसैंण में कृषि एवं सांस्कृतिक मेले के भव्य और सफल आयोजन के लिए मेला समिति और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे आयोजन मन और मस्तिष्क में नई चेतना का संचार करते हैं, साथ ही हमें अपनी समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक भी दिखाते हैं। ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि मेले सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि ये हमें एकता, सहयोग और सीखने की भावना भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, पारंपरिक हस्तशिल्प और कृषि आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मेले में स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और पर्यटन संभावनाओं से जुड़ी प्रदर्शनी ने लोगों का खास ध्यान आकर्षित किया। पूरे क्षेत्र में मेला उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि राज्य में कृषि के विकास के लिए सरकार लगातार सकारात्मक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें टेक्नोलॉजी का उपयोग कर कृषि को मॉडल के रूप में अपनाना होगा। कैश क्रॉप (नकदी फसलों) के माध्यम से किसान अपनी आमदनी में बड़ा इजाफा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी सरकार निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विकास के लिए राज्य सरकार ने अब तक कई अभूतपूर्व कार्य किए हैं और आने वाले समय में इन कार्यों को और गति एवं स्थायित्व प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण का स्थायी और संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के दौरान महिला मंगल दलों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। विधानसभा अध्यक्ष ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए सभी कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक कला और सामाजिक एकता के प्रतीक भी हैं।

कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि पहुंचे विधायक अनिल नौटियाल ने मेले की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यह मेला बहुउद्देश्यीय है, जिसमें व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और धर्म सभी को समान स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि के प्रतीक हैं। महिलाओं की भूमिका पर बोलते हुए विधायक नौटियाल ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर हो रही हैं। वे घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समाज में महिलाओं की भूमिका और भी बढ़ गई है, इसलिए हर महिला को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। विधायक ने यह भी कहा कि बच्चों को संस्कारवान बनाने में माता का अहम योगदान होता है।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं और प्रदेश निर्माण में भागीदार बनें। इसी क्रम में ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैण विधानसभा परिसर में राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के उपलक्ष्य में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालयी छात्र-छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बच्चों के साथ प्रसिद्ध गढ़वाली गीत “फ्वां बागा रे” पर जमकर नृत्य किया, जिससे पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस अवसर पर विधानसभा भवन को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर दीपोत्सव की तरह जगमगा उठा। क्षेत्रवासियों ने इस दृश्य को गर्व और उत्साह के साथ देखा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गैरसैंण का यह मेला प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और लोकजीवन की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश की सामूहिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाई देते हैं।

 

 

 

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