गैरसैंण में आज से विधानसभा सत्र शुरू..
धामी सरकार पेश करेगी 7 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में मंगलवार से धामी सरकार के अंतिम विधानसभा सत्र की शुरुआत होगी। दो दिवसीय सत्र के पहले दिन सदन में पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सरकार वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी।विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सत्र के लिए निर्धारित कार्यसूची के मुताबिक, सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। शुरुआत में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए अपने विचार रखेंगे। भोजनावकाश के बाद सरकार अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। पहले दिन प्रश्नकाल निर्धारित नहीं होने के कारण सदन की कार्यवाही अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी की है।
चुनावी साल में गैरसैंण पर सरकार का जोर
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्रों के आयोजन के लिए गैरसैंण को प्राथमिकता दी है। इससे पहले फरवरी में भी बजट सत्र भराड़ीसैंण विधानसभा में आयोजित किया गया था। उस सत्र ने लंबी अवधि तक चलने का रिकॉर्ड बनाया था। अब चुनावी वर्ष में सरकार ने अंतिम सत्र भी गैरसैंण में कराने का फैसला लिया है। हालांकि, इस बार सत्र केवल दो दिनों तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय की ओर से सत्र को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक भी गैरसैंण पहुंच चुके हैं।
बेरोजगारी और कानून व्यवस्था पर विपक्ष की नजर
सत्र के दौरान विपक्ष बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। इसके अलावा अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला भी सदन में चर्चा का केंद्र बन सकता है। विपक्ष की रणनीति इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने और जनहित से जुड़े सवालों को सदन में उठाने की है। दो दिवसीय सत्र के दौरान सरकार आठ विधेयक सदन के पटल पर रखेगी। इनमें समान नागरिक संहिता से संबंधित विधेयक, उत्तराखंड जनविश्वास अधिनियम में संशोधन और उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम से जुड़ा विधेयक शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों और बोर्डों की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट भी सदन में प्रस्तुत की जाएगी। कार्यसूची के अनुसार सदन में विधायी कार्यों के साथ वित्तीय विषयों पर भी चर्चा होगी। सरकार की ओर से विपक्ष के सवालों का जवाब देने की तैयारी की गई है, जबकि विधायकों को अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने का अवसर मिलेगा।

