सीएम धामी का बड़ा फैसला, सौंग बांध पेयजल योजना व सड़क सुरक्षा के लिए 177 करोड़ की मंजूरी..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे, सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा कदम उठाया है। सीएम ने राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं के लिए कुल 195 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं का उद्देश्य आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और प्रदेश के समग्र विकास को गति देना है। राज्य को पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में निर्माणाधीन सौंग बांध पेयजल परियोजना के लिए बड़ी राहत दी गई है। इस परियोजना के अवस्थापना (इंफ्रास्ट्रक्चर) निर्माण कार्यों के लिए 103.80 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना के पूरा होने से भविष्य में पेयजल की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों को स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा कार्यों के लिए 73.11 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इन कार्यों के अंतर्गत सड़क सुधार, सुरक्षा उपकरणों की स्थापना और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। सीएम ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी तकनीकी सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया है। इस दिशा में 9.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस राशि से जिला स्तर और प्रशिक्षण केंद्रों में वर्चुअल कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी, साथ ही फॉरेंसिक वर्क स्टेशन भी विकसित किए जाएंगे। इससे पुलिस और संबंधित एजेंसियों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा सकेगा और अपराधों की जांच अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करना है। सड़क सुरक्षा, पेयजल और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए जा रहे ये निवेश प्रदेश की जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
उत्तरकाशी जिले में पांच अगस्त को आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। सीएम धामी ने आपदा से क्षतिग्रस्त व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और भवनों के प्रभावितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 6.60 करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। इस निर्णय से धराली क्षेत्र में आपदा के बाद हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही आपदा के कारण धराली, मुखबा और हर्षिल क्षेत्रों में कृषि भूमि को हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने किसानों को भी राहत प्रदान की है। कृषि भूमि क्षति के 64 प्रभावितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त राहत राशि के रूप में कुल 6.72 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का कहना है कि प्रभावित किसानों को शीघ्र ही सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम धामी ने विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित नौ योजनाओं के लिए भी 2.21 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की है।
इन योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना है। उत्तरकाशी जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए धौला से इस्त्रागाड़-चांगशील पर्यटन मार्ग के मरम्मत कार्य हेतु 43.99 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी क्षेत्र में धापा से क्वीरी तक संपर्क मार्ग निर्माण के लिए 54.77 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही देहरादून जनपद के चकराता क्षेत्र में विकास से जुड़ी सात योजनाओं के लिए 1.22 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में सड़क, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और विकास योजनाओं के जरिए प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। राहत एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
बागेश्वर जिले के तीन सड़कों का नाम बदलने की स्वीकृति..
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जिले की तीन प्रमुख सड़कों के नाम परिवर्तन को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस पहल का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के योगदान को स्मरण करते हुए आने वाली पीढ़ियों को उनसे प्रेरणा देना है। स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार कांडे-थपलिया सड़क को अब स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय राम सिंह गडिया मार्ग के नाम से जाना जाएगा। इसी प्रकार करूली बैंड से गाजली बिजौरिया तक की सड़क का नाम बदलकर शहीद स्वर्गीय रामदत्त पांडेय मार्ग किया जाएगा। वहीं बिलखेत-गैराड़ सड़क को अब स्वर्गीय हीरा सिंह धपोला मार्ग के नाम से नामित किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह के नाम परिवर्तन न केवल क्षेत्र की पहचान को मजबूती देते हैं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र सेवा में योगदान देने वाले महान व्यक्तियों के बलिदान को भी जीवंत बनाए रखते हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे क्षेत्र के गौरव से जोड़कर देखा जा रहा है।