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उत्तराखंड

अंकिता भंडारी हत्याकांड- परिजनों ने फैसले पर जताई नाराज़गी..

अंकिता भंडारी हत्याकांड- परिजनों ने फैसले पर जताई नाराज़गी..

 

 

 

उत्तराखंड: करीब दो साल आठ महीने के लंबे इंतजार के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की उम्मीद को नई राह मिली है। तीनों आरोपियों को अदालत ने दोषी करार देकर सजा सुना दी है। कोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले में तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर, और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं अदालत ने पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये मुआवज़ा देने का आदेश भी दिया है। जहां कई लोग इस फैसले को अंकिता के लिए इंसाफ बता रहे है। तो वहीं अंकिता के माता-पिता इस फैसले से खुश नहीं है। बता दे कि सितंबर 2022 में उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास एक रिसॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके सहयोगियों ने अंकिता को अवैध गतिविधियों के लिए मजबूर करने की कोशिश की थी। विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई और शव को एक नहर में फेंक दिया गया।

हालांकि अदालत का यह फैसला कई लोगों के लिए न्याय की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, लेकिन अंकिता के माता-पिता इससे संतुष्ट नहीं हैं। कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने भावुक होकर कहा कि जिन्होंने हमारी बेटी को मौत दी, उन्हें भी मौत की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने हमारा घर बर्बाद कर दिया। हम चाहते थे कि हमारे जिंदा रहते इन हत्यारों को फांसी हो। हम इसके लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे। परिवार ने अब स्पष्ट कर दिया है कि वे इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वे अंत तक लड़ाई जारी रखेंगे, ताकि दोषियों को फांसी की सजा मिले और इस क्रूरता का एक मजबूत कानूनी जवाब सामने आए। सोशल मीडिया पर भी #JusticeForAnkita एक बार फिर ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग कड़ी सजा और त्वरित न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सिर्फ उम्रकैद नहीं, बल्कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, ताकि यह फैसला भविष्य के अपराधियों के लिए चेतावनी बन सके।

 

 

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