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इस महीने फिर गुजरात जाएंगे अमित शाह, जहां कभी नहीं जीते, उन सीटों पर भी फोकस..

इस महीने फिर गुजरात जाएंगे अमित शाह, जहां कभी नहीं जीते, उन सीटों पर भी फोकस..

इस महीने फिर गुजरात जाएंगे अमित शाह, जहां कभी नहीं जीते, उन सीटों पर भी फोकस..

 

देश/ विदेश : गुजरात विधानसभा चुनाव में अभी 6 महीने का वक्त बाकी है, लेकिन भाजपा पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। होम मिनिस्टर अमित शाह इस महीने एक बार फिर से गुजरात के दौरे पर जा सकते हैं। इस दौरान वह देवभूमि द्वारका, अहमदाबाद, केढ़ा और गोधरा जा सकते हैं। इसके अलावा वह कुछ मीटिंगों में भी शामिल होंगे, जिसमें चुनाव के लिए भाजपा की तैयारियों का जायजा लेंगे। यही नहीं कई कल्याणकारी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का इस दौरान वह उद्घाटन भी कर सकते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा उन सीटों पर फोकस करने की तैयारी में है, जहां अब तक उसे जीत नहीं मिल सकी है।

ये सीटें दलितों और आदिवासी समुदायों की बहुलता वाली हैं, जिन्हें भाजपा का परंपरागत वोटर नहीं माना जाता है। लेकिन इस बार भाजपा इन इलाकों में भी आक्रामक है। इसकी वजह यह है कि पार्टी का विचार है कि यदि उसे शहरी इलाकों में कोई झटका लगता है तो उसकी भरपाई यहां से हो सकेगी। इसी रणनीति के तहत उसने कांग्रेस के कई आदिवासी नेताओं को पार्टी में एंट्री दी है। 2017 के विधानसभा चुनाव में 182 सीटों वाले गुजरात में भाजपा 99 सीटों पर ही ठहर गई थी। तब कांग्रेस को लेकर यह माना गया था कि उसने भाजपा को कड़ी टक्कर दी है।

कैसे डबल डिजिट के आंकड़े को पार करेगी भाजपा..

अब भाजपा का कहना है कि वह इस बार डबल डिजिट में नहीं रहना चाहती। प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल का कहना है कि हमारी कोशिश है कि सभी 182 सीटों पर जीत के लिहाज से तैयारी की जाए। इसके लिए भाजपा ने बूथ लेवल पर ही तैयारी शुरू कर दी है और कार्यकर्ताओं को मोबिलाइज किया जा रहा है। पार्टी के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि भाजपा उन सीटों पर फोकस कर रही है, जहां वह कभी जीत हासिल नहीं कर सकी है। पार्टी के एक सीनियर नेता ने कहा, ‘ऐसी करीब 30 सीटें हैं, जहां अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। इस बार इन सीटों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है।’

वन डे-वन डिस्ट्रिक्ट के जरिए बन रहा जीत का फॉर्मूला..

गुजरात में कुल 81 कॉपरेटिव कमेटियां हैं, जिनमें लंबे अरसे से कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। अब अमित शाह के पास यही मंत्रालय है और माना जा रहा है कि वे इनमें भाजपा का प्रभाव बढ़ाने की कोशिश में हैं। फिलहाल ज्यादातर कॉपरेटिव्स में भाजपा का ही कब्जा है। पिछले महीने भी अमित शाह जब गुजरात आए थे तो पंचमहल और बनासकांठा का दौरा किया था। इसके साथ ही भाजपा ने ‘वन डे, वन डिस्ट्रिक्ट’ की स्कीम का भी ऐलान किया है। इसके जरिए बड़े एक दिन एक जिले में गुजारेंगे। इसी के तहत सीएम भूपेंद्र पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कई जिलों का दौरा किया है।

 

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