एसडीएम और अधिवक्ताओं के बीच चल रहा है गतिरोध - UK News Network
उत्तराखंड

एसडीएम और अधिवक्ताओं के बीच चल रहा है गतिरोध

बार एसोसिएशन ने की उप जिला अधिकारी के स्थानान्तरण की मांग
एसडीएम पर लगाया न्यायालय कार्यों में देरी का आरोप
वट्स ग्रूप में झूठी सूचना डाले जाने पर अधिवक्ता भड़के
जिलाधिकारी ने मामले में जताई चिंता, दोनों पक्षों की बैठक बुलाकर निकाला जाएगा रास्ता
रुद्रप्रयाग। एक महीने से चल रहे गतिरोध के बाद जिला बार एसोसिएशन ने उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय का बहिष्कार कर दिया है। बार एसोसिएशन ने उप जिला मजिस्ट्रेट को हटाये जाने की मांग की है और कहा कि जब तक एसडीएम का स्थानान्तरण अन्यत्र जगह नहीं किया जाता, तब तक जिला बार एसोसिएशन के सदस्य एवं अधिवक्तागण उप जिला मजिस्ट्रेट में न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे।

दरअसल, एक माह से जिला बार एसोसिएशन और उप जिला मजिस्ट्रेट के बीच तनातनी का माहौल चल रहा है। उप जिला मजिस्ट्रेट की ओर से न्यायालय के कार्यों में देरी किये जाने से अधिवक्ताओं में आक्रोश बना हुआ है। कईं बार मामले को लेकर अधिवक्ता जिलाधिकारी से भी मिले, मगर मामले में जांच की बात कही गई, जो आज तक पूरी नहीं हो पाई है। अधिवक्ताओं ने उप जिला मजिस्ट्रेट पर दुव्र्यवहार किये जाने का भी आरोप लगाया और कहा कि उप जिला मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायालय में विचाराधीन मामलों में अनियमितता की जा रही है। ऐसे में अधिवक्ताओं को भारी दिक्कतें आ रही हैं।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्णपाल सिंह रौथाण, उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह जगवाण, सचिव महावीर सिंह बुटोला, कोषाध्यक्ष हरीश चन्द्र किमोठी, सह सचिव प्यार सिंह नेगी ने कहा कि बार एसोसिएशन की मांग पर जिलाधिकारी की ओर से अपर जिला मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया, लेकिन अपर जिला अधिकारी द्वारा 28 जुलाई तक भी जांच नहीं की गई। इसके बाद जिलाधिकारी से मुलाकात की गई और बैठक में अपर जिलाधिकारी भी मौजूद रहे। जिनके द्वारा समायाभाव होने के कारण जांच समय पर न किये जाने की बात कही गयी। इसके बाद 29 जुलाई को जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के समक्ष न्यायालय उप जिला मजिस्ट्रेट में विचाराधीन पत्रावलियों का अवलोकन एडीएम द्वारा किया गया और तमाम पत्रावलियों में अनियमितता पाई गई। अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चले जाने को कहा गया और अनियमितताओं को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाने की बात कहकर कार्रवाई का भरोसा दिया गया। कहा कि 31 जुलाई को वट्सएप ग्रूप में उप जिलाधिकारी की जांच में कोई भी अनियमितता न होने की सूचना डाली गई और जिला बार एसोसिएशन की शिकायतों को निराधार बताया गया।

अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अगर ऐसा किया गया है तो उप जिला मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट में अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा लीपापोती कर जाँच रिपोर्ट बनाई गई है। अधिवक्ताओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि उप जिलाधिकारी के स्थानान्तरण न होने तक उप जिला मजिस्ट्रेट रुद्रप्रयाग में न्यायिक कार्यों से बहिष्कार किया जायेगा।

वहीं मामले में जिलाधिकारी का कहना है कि अपर जिला मजिस्ट्रेट को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और उप जिलाधिकारी के साथ पुनः बैठक बुलाकर आपसी गतिरोध को दूर किये जाने का प्रयास किया जायेगा।

बहरहाल, एक माह से उप जिला अधिकारी की कार्यप्रणाली पर अधिवक्ता सवाल उठा रहे हैं। उप जिला मजिस्ट्रेट की ओर से अधिवक्ताओं के कार्यों से लेकर जनता के कार्यों में भी लेट-लतीफी बरती जा रही है, जिसके विरोध में अधिवक्ता खुलकर आ चुके हैं। अब सवाल इस बात का है कि जो अधिकारी जनता के प्रति अपनी जवाबदेही समझने को तैयार नहीं हैं, उन पर कार्रवाई करने में क्यों देरी की जा रही है। ऐसे में जनता की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं और प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

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