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उत्तराखंड

संयुक्त मोर्चा करेगा सीएम आवास कूच

संयुक्त मोर्चा करेगा सीएम आवास कूच , पत्रकारों से वार्ता करते हुए शिक्षक-कर्मचारियों ने बताई रणनीति

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड कार्मिग, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा ने विभिन्न मांगों को लेकर 17 अगस्त को महारैली का ऐलान किया है। महारैली के दौरान हजारों शिक्षक कर्मचारी सीएम आवास कूच करेंगे। इसके बाद 23 से 25 अगस्त तक सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार करेंगे और 27 अगस्त से बेमियादी हड़ताल पर चले जायेंगे।

जिला मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए मोर्चा के मुख्य संयोजक केएन भट्ट ने कहा कि शिक्षकों-कर्मचारियों को सेवाकाल में शासन के कार्मिक विभाग द्वारा जारी नियमावली के तहत तीन पदोन्नति की जाय और तीन एसीपी का लाभ दिया जाय। पूर्व एसीपी, 10, 16, 26 पदोन्नति के साथ कार्मिकों को दी जाये और ऊर्जा निगम के कार्मिकों को 9, 14, 19 एसीपी का लाभ दिया जाय। चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को एसीपी के अन्तर्गत ग्रेड पे 42 सौ रूपये दिये जाये और ढांचों में मृत घोषित किये गये पदो ंके पुनजीर्वित किया जाये। जिला संयोजक बीएस झिंक्वाण, संयोजक सचिव डीएस राणा ने कहा कि सातवे वेतनमान की संस्तुतियों के अन्तर्गत समस्त भत्तों का लाभ दिया जाय और डीए का भुगतान किया जाय। सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, जिन्हें सातवें वेतनमान के अन्तर्गत एरियर का भुगतान नहीं किया गया है, इन सभी को एरियर का भुगतान किया जाय। यू हेल्थ कार्ययोजना का लाभ सभी कार्मिकों को एक साथ प्रदान किया जाय।

राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष आनंन जगवाण, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला महामंत्री एसएस पंवार, दिग्विजय सिंह झिंक्वाण, किशोर चन्द्र नैनवाल ने कहा कि उपनल आउटसोर्स पीटीसी विशेष श्रेणी के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को नियमित किया जाय अथवा उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत समान कार्य समान वेतन एवं न्यूनतम वेतन 15, 18, 21, 24, 28 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाये। स्थानांतरण एक्ट के अन्तर्गत 52 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पुरूष कार्मिकों को एवं 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिला कार्मिकों को स्थानांतरण एक्ट से मुक्त रखा जाय और कार्यस्थल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार स्थानांतरण के लिए कोटिकरण का निर्धारण किया जाय। उन्होंने कहा कि इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित वेतन समिति को भंग कर दिया जाय और पूर्व की भांति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगतियों का निराकरण किया जाय। पूर्व की भांति शिथिलीकरण की व्यवस्था के बहाल किया जाय और सभी कार्मिकों को 12 सौ रूपए वाहन भत्ता दिया जाय। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने केे साथ सभी विभागों के ढांचों में वेतन समिति की पदों में कटौती के प्रस्ताव को खारिज किया जाय।

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