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उत्तराखंड

प्रदेश की जेलों और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में खुलेंगे नशा मुक्ति केंद्र..

प्रदेश की जेलों और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में खुलेंगे नशा मुक्ति केंद्र..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड की जेलों में बंद नशे की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार और पुनर्वास के लिए नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने की तैयारी है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने राज्य सरकार को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सेलाकुई स्थित राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में भी नशा मुक्ति केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अपर सचिव मोना खंधार ने बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में उत्तराखंड में केंद्र सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

आदर्श गांवों के विकास की योजना दिवाली से पहले बनाने के निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत चयनित आदर्श गांवों के विकास पर भी जोर दिया गया। अपर सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन गांवों के समग्र विकास के लिए ग्राम विकास योजनाएं दिवाली से पहले तैयार कर ली जाएं। उन्होंने योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा। समीक्षा के दौरान छात्रवृत्ति योजनाओं, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्य योजना और स्माइल योजना की स्थिति का भी आकलन किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

एससी छात्रवृत्ति में वित्तीय हिस्सेदारी बदलने की मांग
बैठक में उत्तराखंड सरकार की ओर से अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना में केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय हिस्सेदारी का अनुपात 60:40 से बदलकर 90:10 करने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सभी पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ देने के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। सहायक निदेशक हेमलता पांडे ने सुझाव दिया कि छात्रवृत्ति के आवेदन के समय ही आधार सीडिंग की स्थिति की जांच कर ली जाए। इससे विद्यार्थियों को बाद में छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त करने में आने वाली समस्याओं से बचाया जा सकेगा। वहीं, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी अतिरिक्त धनराशि की जरूरत बताई गई।

स्माइल योजना के लिए नामित होगा नोडल अधिकारी
भिक्षावृत्ति उन्मूलन और जरूरतमंद लोगों के पुनर्वास से जुड़ी स्माइल योजना को प्रभावी बनाने के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण और पुनर्वास के लिए प्रदेश में गरिमा गृह स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। समीक्षा बैठक के बाद अपर सचिव ने रायपुर में निर्माणाधीन नशा मुक्ति केंद्र और डोईवाला स्थित अनुसूचित जाति छात्रावास का निरीक्षण भी किया। बैठक में समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजय कुमार, संयुक्त निदेशक जीआर नौटियाल, एडीजी एपी अंशुमान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

 

 

 

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