उत्तराखंड

बनबसा को सीएम धामी की बड़ी सौगात, विकास से जुड़े चार प्रस्तावों का ऐलान..

बनबसा को सीएम धामी की बड़ी सौगात, विकास से जुड़े चार प्रस्तावों का ऐलान..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में सीमांत क्षेत्रों के विकास और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने कई स्तरों पर पहल तेज की है। चंपावत के बनबसा में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘आंगन का मिलन’ अभियान की प्रगति की समीक्षा की। राज्यभर में 13 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा चुका है। सीएम धामी ने बनबसा में कहा कि सीमांत इलाकों में विकास कार्यों के साथ स्थानीय स्तर पर लंबित समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने श्रेणी-1 ‘ख’ और तराई-भाभर स्टेट के पट्टों की भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाने की बात कही। बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों को शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर से जोड़ते हुए उनके सौंदर्यीकरण और विस्तार की घोषणा भी की गई। इससे धार्मिक स्थलों की सुविधाओं और क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है।

इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार के लिए जमीन
टनकपुर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। इससे संस्थान में शैक्षणिक और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुलेगा। इसके साथ बनबसा और टनकपुर के शहरी निकाय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सरकारी भूमि पर लंबे समय से अस्थायी या कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। सीएम ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, पर्यटन और आवास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

13 हजार से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्रों में पहुंचा अभियान
दूसरी ओर, महिला एवं बाल विकास विभाग के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत चल रहे ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की समीक्षा की गई। विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में अधिकारियों और सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की प्रगति जानी। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में करीब 20 हजार आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 13 हजार से अधिक केंद्रों पर ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित हो चुका है।

योजनाओं की जानकारी के साथ लाभ दिलाने पर फोकस
अभियान के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों पर महिलाओं, किशोरियों, बच्चों और अन्य पात्र लाभार्थियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। पात्र लोगों को संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ कार्यक्रम आयोजित करना न रहे, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के लिए 7 अक्टूबर अंतिम तिथि तय की गई है। जिन आंगनवाड़ी केंद्रों पर अभी कार्यक्रम आयोजित नहीं हुए हैं, वहां समय सीमा के भीतर आयोजन पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कार्यक्रमों की गूगल मैपिंग शत-प्रतिशत पूरी करने को भी कहा, ताकि आयोजन स्थलों और अभियान की प्रगति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो सके।

आंगनवाड़ी केंद्रों को बनाया जा रहा संवाद का माध्यम
विभाग के अनुसार ‘आंगन का मिलन’ का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को सरकार और लाभार्थियों के बीच सीधे संवाद का माध्यम बनाना है। इसके जरिए महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं की जानकारी को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। समीक्षा बैठक में अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, निदेशक बंसीलाल राणा समेत विभागीय अधिकारी और सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

 

 

 

 

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