उत्तराखंड

उत्तराखंड के बर्फीले गांवों में जनगणना अभियान पूरा..

उत्तराखंड के बर्फीले गांवों में जनगणना अभियान पूरा..

आज से शुरू हुआ रिवीजन राउंड..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के बर्फ से ढके और दुर्गम इलाकों में जनगणना का काम तय समय के अनुसार पूरा कर लिया गया है। प्रदेश के चार जिलों के हिमाच्छादित गांवों और तीन शहरी स्थानीय निकायों में घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब एक से पांच अक्टूबर तक पुनरीक्षण चरण चलाया जाएगा। इस दौरान पहले चरण में जुटाए गए आंकड़ों और किए गए कार्य की दोबारा जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड में संशोधन और आवश्यक सुधार किए जाएंगे। इसके बाद जनगणना निदेशालय का फोकस प्रदेश के अन्य हिस्सों में होने वाली जनगणना की तैयारियों पर रहेगा, जिसका अगला चरण एक दिसंबर से शुरू होना प्रस्तावित है।

चार जिलों के 131 हिमाच्छादित गांवों में हुआ सर्वे
जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, हिमाच्छादित क्षेत्रों में यह अभियान चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों के 131 गांवों में संचालित किया गया। इसके साथ ही बद्रीनाथ केदारनाथ और गंगोत्री तीन शहरी स्थानीय निकायों को भी इस चरण में शामिल किया गया था। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां जनगणना कार्य को पूरा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती माना जा रहा था। अभियान के लिए कुल 182 प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती की गई थी। इनमें 139 प्रगणक और 43 पर्यवेक्षक शामिल रहे। इन कर्मचारियों ने अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर जनगणना से संबंधित जानकारी जुटाई। अधिकारियों के मुताबिक निर्धारित सभी चार्जों में जनगणना का 100 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। इससे तय प्रगणना क्षेत्रों की कवरेज सुनिश्चित हुई है। विशेष रूप से बनाए गए 31 स्पेशल चार्ज ब्लॉकों में भी जनगणना प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

अब आंकड़ों की होगी दोबारा जांच
जनगणना के इस चरण के बाद अब एक से पांच अक्टूबर तक रिवीजन राउंड चलाया जाएगा। इस दौरान प्रगणकों और पर्यवेक्षकों द्वारा जुटाए गए आंकड़ों की समीक्षा की जाएगी। जहां किसी जानकारी में कमी, त्रुटि या संशोधन की आवश्यकता होगी, वहां उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत ठीक किया जाएगा। इसका उद्देश्य अंतिम आंकड़ों को अधिक सटीक और पूर्ण बनाना है। प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करने पर रहेगा कि जनगणना क्षेत्र का कोई परिवार या निर्धारित जानकारी रिकॉर्ड से बाहर न रह जाए।

स्व-गणना में भी लोगों ने लिया हिस्सा
हिमाच्छादित क्षेत्रों में चलाए गए अभियान के दौरान नागरिकों की ओर से स्व-गणना प्रक्रिया में भी भागीदारी दर्ज की गई। लोगों ने स्वयं उपलब्ध माध्यमों से जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कराने में रुचि दिखाई। इसके साथ ही घर-घर पहुंचे अधिकृत प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को भी स्थानीय लोगों ने आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई। अधिकारियों ने जनगणना कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने में नागरिकों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। हिमाच्छादित क्षेत्रों में प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जनगणना निदेशालय प्रदेश के अन्य हिस्सों में प्रस्तावित अभियान की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करेगा। राज्य के बाकी क्षेत्रों में जनगणना का कार्य एक दिसंबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। इससे पहले हिमाच्छादित और विशेष क्षेत्रों में पूरा किया गया कार्य आगामी चरण के लिए प्रशासनिक तैयारियों और अनुभव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहेगा।

 

 

 

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