उत्तराखंड

स्कूल वाहनों पर RTA की सख्ती..

स्कूल वाहनों पर RTA की सख्ती..

सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई..

 

 

 

उत्तराखंड: सड़क सुरक्षा और शहर की परिवहन व्यवस्था को लेकर संभागीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) ने कई अहम फैसले लिए हैं। देहरादून में हुई बैठक में कुल 53 मामलों पर विचार किया गया। खास तौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने और यातायात नियमों के पालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। स्कूल बसों और वैन में अब सुरक्षा इंतजामों को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों में GPS और CCTV के साथ फायर एक्सटिंग्विशर व फर्स्ट एड बॉक्स रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा महिला परिचारिका या गार्ड की मौजूदगी भी जरूरी की गई है।

स्कूल वाहनों की होगी नियमित जांच

RTA ने स्पष्ट किया कि स्कूल वाहनों के पास वैध परमिट, फिटनेस और बीमा दस्तावेज होना जरूरी है। चालकों और परिचालकों के प्रशिक्षित होने के साथ ही स्कूल प्रबंधन को चालकों का पुलिस सत्यापन और हर साल स्वास्थ्य परीक्षण कराना होगा। वाहन की निर्धारित क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठाने पर भी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग की ओर से स्कूल वाहनों की जांच नियमित रूप से किए जाने की बात कही गई है।

निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई..

बैठक में ऑनलाइन डिलीवरी और राइड सेवाओं से जुड़े वाहनों को लेकर भी चर्चा हुई। रैपिडो, स्विगी और जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म पर निजी वाहनों के नियम विरुद्ध व्यावसायिक इस्तेमाल के मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ई-रिक्शा और ई-ऑटो के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर और सहसपुर में संयुक्त समिति काम करेगी। इसमें प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। समिति संबंधित क्षेत्रों का सर्वे कर ई-रिक्शा के लिए रूट और क्लस्टर निर्धारित करेगी।

नशे में ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग पर सख्ती..

सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और शराब के नशे में वाहन चलाने जैसे मामलों में परमिट निरस्त करने का फैसला लिया गया है। वाहन बीमा और चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण को भी अनिवार्य शर्तों में शामिल किया गया है। किसी नए रूट को शुरू करने या पुराने रूट का विस्तार करने से पहले संबंधित इलाके का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम की रिपोर्ट के बाद ही इस संबंध में फैसला लिया जाएगा।

भोगपुर बस सेवा बहाल करने की कवायद..

RTA की बैठक में ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। देहरादून-भोगपुर मार्ग पर बस सेवा दोबारा शुरू करने के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम को पत्र भेजा गया है। दूधली, बालावाला और डोईवाला क्षेत्र में ई-बस समेत सार्वजनिक परिवहन के अन्य विकल्प विकसित करने की योजना पर भी काम किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा और टिकट व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए सवारी वाहनों में इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। इससे मैनुअल टिकटिंग पर निर्भरता कम होने और टिकट व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। RTA के फैसलों में सड़क सुरक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

 

 

 

 

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