उत्तराखंड

रुद्रप्रयाग में दर्दनाक हादसा, अनियंत्रित कार 200 मीटर गहरी खाई में गिरी, तीन लोग घायल..

रुद्रप्रयाग में दर्दनाक हादसा, अनियंत्रित कार 200 मीटर गहरी खाई में गिरी, तीन लोग घायल..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को जनपद रुद्रप्रयाग के जखोली विकासखंड में एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जहां एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में वाहन सवार तीन लोग घायल हो गए, जिनमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार बजीरा-जखोली मोटर मार्ग पर सुबह के समय एक वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और सड़क से नीचे लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। वाहन के खाई में गिरते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रशासन और पुलिस को दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया। राहत अभियान के लिए डीडीआरएफ की टीम, पुलिस बल, तहसील प्रशासन और 108 एम्बुलेंस सेवा को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। दुर्घटना स्थल दुर्गम क्षेत्र में होने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन राहत दलों ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से तेजी से कार्रवाई करते हुए घायलों तक पहुंच बनाई। रेस्क्यू टीम ने जोखिम भरे हालात में खाई में उतरकर वाहन सवार सभी घायलों को बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार एक महिला को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

दुर्घटना में घायल लोगों की पहचान वाहन चालक राजीव कुमार (46 वर्ष) निवासी ललूड़ी जखोली, गजेन्द्र (40 वर्ष) निवासी काण्डई मयाली तथा छुम्मा देवी (55 वर्ष) निवासी ऐकलिंग बुढना के रूप में हुई है। तीनों को अलग-अलग चोटें आई हैं, जबकि महिला की स्थिति अन्य घायलों की तुलना में अधिक गंभीर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन अचानक अनियंत्रित हुआ और कुछ ही क्षणों में सड़क से नीचे खाई में जा गिरा। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बचाव दल को मार्गदर्शन देने के साथ घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि समय पर मिली सूचना और त्वरित रेस्क्यू अभियान के चलते सभी घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जा सका। यदि राहत कार्य में देरी होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की तत्परता और सहयोग की भी सराहना की है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति और अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन संचालन को लेकर सवाल खड़े कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी मार्गों पर सावधानीपूर्वक वाहन संचालन, नियमित वाहन जांच और सड़क सुरक्षा मानकों का पालन ऐसे हादसों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

 

 

 

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