उत्तराखंड

अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए बनेगी नई नियमावली, तबादलों के दायरे में आएंगे शिक्षक..

अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए बनेगी नई नियमावली, तबादलों के दायरे में आएंगे शिक्षक..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार प्रदेश के सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए नई नियमावली तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य इन विद्यालयों में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए स्पष्ट, समान और व्यवस्थित सेवा ढांचा तैयार करना है, जिससे लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को दूर किया जा सके। बता दे कि वर्ष 2020-21 में राज्य के कई राजकीय इंटर कॉलेजों को उन्नत कर अटल उत्कृष्ट विद्यालय बनाया गया था और उन्हें सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया गया। इन स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से की गई थी। उस समय यह व्यवस्था बनाई गई थी कि चयनित शिक्षकों और कर्मचारियों की तैनाती पांच वर्षों के लिए होगी, जिसे उनकी सहमति के आधार पर आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

हालांकि, समय के साथ इस व्यवस्था में कई तरह की जटिलताएं सामने आईं। विशेष रूप से सुगम और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाओं के गणना को लेकर दोहरी व्यवस्था बनने से शिक्षकों के बीच असंतोष बढ़ा है। वर्तमान में जहां कुछ शिक्षकों की सुगम क्षेत्र की सेवा को दुर्गम के रूप में जोड़ा जा रहा है, वहीं पहले से तैनात शिक्षकों की सेवाएं सामान्य रूप से ही दर्ज हो रही हैं। इस असमानता के कारण कई शिक्षकों के तबादले प्रभावित हो रहे हैं और वे दुर्गम क्षेत्रों में स्थानांतरण के अवसर से वंचित रह जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त वर्तमान नियमों के तहत दुर्गम क्षेत्र में तैनात शिक्षकों की एक वर्ष की सेवा को दो वर्ष के बराबर माना जाता है, जो प्रोत्साहन के रूप में लागू किया गया था। लेकिन सुगम क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों के लिए लागू प्रावधानों ने इस पूरी व्यवस्था को जटिल बना दिया है।

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार अब अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए अलग और स्पष्ट नियमावली लाने की तैयारी में है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों की सेवा गणना, तबादला नीति और कार्यकाल से जुड़े नियमों में बदलाव किया जाएगा, ताकि सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी प्रशासनिक स्तर पर कुछ अतिरिक्त अधिकार दिए जाने की योजना है, जिससे विद्यालय संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। सरकार का मानना है कि इस नई नियमावली से न केवल शिक्षकों की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि अटल उत्कृष्ट विद्यालयों की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा।

 

 

 

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