उत्तराखंड

देहरादून में रिश्तों का कत्ल, जन्म देने वाली मां बनी बेटे की मौत की साजिशकर्ता..

देहरादून में रिश्तों का कत्ल, जन्म देने वाली मां बनी बेटे की मौत की साजिशकर्ता..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड देहरादून में तिब्बती मार्केट के बाहर दिनदहाड़े हुए कारोबारी अर्जुन शर्मा हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश कथित रूप से उनकी मां बीना शर्मा ने अपने सहयोगियों विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना के साथ मिलकर रची थी। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वारदात को अंजाम देने वाले शूटर राजीव और उसके साथी पंकज को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। उनके पास से देसी तमंचे बरामद हुए हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मां-बेटे के बीच संपत्ति और पारिवारिक व्यवसाय को लेकर पिछले करीब 15 वर्षों से विवाद चल रहा था।

अर्जुन के पिता कर्नल रमेश चंद शर्मा शहीद हो चुके थे, जिसके बाद सरकार की ओर से परिवार को गैस एजेंसी आवंटित की गई थी। इसी एजेंसी और अन्य पैतृक संपत्तियों को लेकर मतभेद गहराते गए। अर्जुन व्यवसाय के पैसों के ट्रांसफर और संपत्ति के मामलों पर आपत्ति जताने लगे थे, जिससे रिश्ते लगातार बिगड़ते गए। अर्जुन के पिता कर्नल रमेश चंद शर्मा करीब 38 वर्ष पूर्व शहीद हो गए थे। सरकार ने बलिदानी कोटे से परिवार को गैस एजेंसी आवंटित की थी। इसी एजेंसी और संपत्ति को लेकर विवाद गहराता गया। करीब आठ माह पहले बीना शर्मा ने जीएमएस रोड स्थित पैतृक संपत्ति का सौदा डॉ. अजय खन्ना के साथ 14 करोड़ रुपये में किया। इस राशि में से 4 करोड़ रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा के 8 करोड़ के लोन को चुकाने में लगाए गए, जबकि शेष 8 करोड़ रुपये बीना के खाते में आए।

पैतृक संपत्ति में आधा हिस्सा मांग रहा था अर्जुन..

जांच के दौरान पुलिस को वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई अहम तथ्य मिले हैं। बताया जा रहा है कि संपत्ति सौदे से मिली करीब 8 करोड़ रुपये की राशि अगले ही दिन एक विनोद उनियाल के खाते में स्थानांतरित कर दी गई थी। इस ट्रांजैक्शन को लेकर परिवार में तनाव बढ़ गया था और अर्जुन पैतृक संपत्ति में अपना आधा हिस्सा मांग रहा था। विवाद बढ़ने पर मामला पुलिस और अदालत तक पहुंचा, जहां अदालत से स्थगन आदेश मिलने के बाद संपत्ति का सौदा रुक गया। संपत्ति खरीदार और परिवार के बीच यह शर्त भी तय हुई थी कि सौदा पूरा न होने की स्थिति में रकम दोगुनी लौटानी होगी। इसी आर्थिक दबाव को घटना की पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है। अर्जुन की पत्नी ने शिकायत में करोड़ों रुपये के अतिरिक्त लेनदेन का भी आरोप लगाया है। पुलिस को संबंधित खातों से बड़ी रकम के ट्रांसफर के प्रमाण मिले हैं और अब इन सभी वित्तीय पहलुओं की गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

मेरठ से लाए गए हथियार..

पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी राजीव और पंकज पूर्व में मेरठ में रह चुके हैं और वहीं से अवैध हथियार लेकर देहरादून पहुंचे थे। घटना के बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दोनों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उनके पास से देसी तमंचे बरामद किए गए हैं। मुख्य आरोपी राजीव के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह वर्ष 1997 के एक हत्या मामले में जेल जा चुका है और सहारनपुर जेल में बंद रहा था। वर्ष 2001 में वह उस मामले में बरी हो गया था। एसएसपी अजय सिंह ने कहा है कि पुराने प्रकरण की फाइल दोबारा खंगाली जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह किन परिस्थितियों में रिहा हुआ था। पुलिस पूरे घटनाक्रम में वित्तीय लेनदेन, संपत्ति विवाद और आपराधिक साजिश से जुड़े हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही है। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने शहर में सुरक्षा और पारिवारिक विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

 

 

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top