बेखौफ बदमाशों का आतंक, 14 दिन में चौथी वारदात से दहली राजधानी..
उत्तराखंड: राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने न सिर्फ पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि आम लोगों के मन में भी असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। दिनदहाड़े हो रही वारदातें और अपराधियों के बढ़ते हौसले यह संकेत दे रहे हैं कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर पुनर्विचार की जरूरत है। कुछ दिनों के भीतर हुई कई हत्याओं ने हालात की गंभीरता को और उजागर कर दिया है, जिससे राजधानी में कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छिड़ गई है। महज दो सप्ताह के भीतर चौथी हत्या की घटना ने शहरवासियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
लगातार हो रही आपराधिक वारदातों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर बहस छेड़ दी है। ताजा मामला डालनवाला थाना क्षेत्र का है, जहां तिब्बती मार्केट के बाहर दिनदहाड़े एक कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह का समय था और बाजार में रोज की तरह चहल-पहल शुरू हो रही थी। तिब्बती मार्केट के विभिन्न गेटों के आसपास दुकानें खुल रही थीं और लोग खरीदारी के लिए पहुंचने लगे थे। इसी बीच अर्जुन शर्मा फल खरीदकर अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे। जैसे ही वह वाहन में बैठने वाले थे, अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलियों की आवाज से इलाके में अफरातफरी मच गई। हमलावर मौके से फरार हो गए, जबकि घायल कारोबारी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना ने राजधानी में बढ़ते अपराध को लेकर चिंता और गहरा दी है। इससे पहले दो फरवरी को देहरादून शहर में गुंजन हत्याकांड ने सनसनी फैला दी थी। दूल्हा बाजार क्षेत्र में सुबह के समय एक युवक ने महिला पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और विशेष जांच टीम गठित कर कम समय में चार्जशीट भी दाखिल की थी।
इसी तरह 31 जनवरी को ऋषिकेश के शिवाजी नगर में 30 वर्षीय प्रीति रावत की उनके लिव-इन पार्टनर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया गया कि निजी विवाद और संपत्ति को लेकर मतभेद के चलते वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने आरोपी को घटना के करीब 36 घंटे के भीतर सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया था। इसके साथ ही 29 जनवरी को विकासनगर क्षेत्र में 12वीं कक्षा की छात्रा मनीषा तोमर का शव शक्ति नहर के किनारे झाड़ियों में मिला था। छात्रा की धारदार हथियार से हत्या की गई थी, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने देहरादून जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े कारोबारी की हत्या ने यह संकेत दिया है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, राजधानी में बढ़ते अपराधों को लेकर आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ती दिख रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शहर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं और पुलिस इन पर प्रभावी अंकुश कब लगाएगी।