उत्तराखंड

कैबिनेट के फैसले से कर्मचारियों को दोहरी राहत..

कैबिनेट के फैसले से कर्मचारियों को दोहरी राहत..

इलाज होगा आसान और बोनस भी मिलेगा अनिवार्य..

 

 

 

 

उत्तराखंड: धामी सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) से जुड़े श्रमिकों को बड़ी राहत देने वाला अहम फैसला लिया है। मंत्रिमंडल की बैठक में चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने और बोनस भुगतान से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिससे हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत चिकित्सा सेवा संवर्ग की सेवा-शर्तों के निर्धारण को स्वीकृति देते हुए उत्तराखंड कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवा नियमावली, 2026 को प्रख्यापित करने का निर्णय लिया है।

नई नियमावली लागू होने के बाद ईएसआई ढांचे में व्यापक विस्तार होगा और कुल 94 पद सृजित किए जाएंगे। इनमें चिकित्सा अधिकारियों से लेकर उच्च प्रशासनिक पदों तक की व्यवस्था शामिल होगी। इससे पहले ईएसआई के ढांचे में केवल एक मुख्य चिकित्सा अधिकारी और 13 चिकित्सा अधिकारियों के पद स्वीकृत थे, जिसके कारण लंबे समय से चिकित्सकों की कमी बनी हुई थी। इसका असर सीधे तौर पर औद्योगिक श्रमिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा था। नई नियुक्तियों से अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, उपचार सेवाएं मजबूत होंगी और चिकित्सा अधिकारियों के लिए पदोन्नति का स्पष्ट मार्ग भी तैयार होगा।

कैबिनेट ने बोनस से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले पर भी मुहर लगाई है। कोविड-19 महामारी के दौरान उद्योगों को राहत देने के उद्देश्य से वर्ष 2020 में बोनस संदाय (उत्तराखंड संशोधन) अधिनियम लाया गया था। उस समय यह प्रावधान किया गया था कि नियोजक के पास आवंटनीय अधिशेष उपलब्ध होने की स्थिति में ही कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस का भुगतान किया जाएगा। हालांकि इस संशोधन पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने असहमति जताई थी। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में महामारी जैसी असाधारण परिस्थितियां न होने और विधायी प्रक्रिया से संबंधित तकनीकी कारणों के चलते इस संशोधन को आगे बढ़ाना संभव नहीं हो पाया।

इन परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2020 के संशोधन अधिनियम को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके बाद केंद्रीय कानून के प्रावधान स्वतः लागू हो जाएंगे और सभी पात्र कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस का भुगतान अनिवार्य रूप से करना होगा। इस निर्णय से श्रमिकों के बीच बोनस को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त होगी और उन्हें उनके अधिकार के अनुसार भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा। सरकार के इन दोनों फैसलों को श्रमिक हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। एक ओर जहां ईएसआई चिकित्सा व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर बोनस भुगतान को लेकर स्पष्टता आने से औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। राज्य सरकार का यह निर्णय श्रमिक कल्याण और औद्योगिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

 

 

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