कैबिनेट बैठक में धामी सरकार ने 8 प्रस्तावों पर लगाई मुहर..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक प्रस्ताव के साथ की गई। इस अवसर पर कैबिनेट के सभी सदस्यों ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर अपनी संवेदना व्यक्त की। सीएम धामी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अजित पवार ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने कहा कि अजित पवार अपने दायित्वों के प्रति सदैव संवेदनशील, करुणाशील और प्रतिबद्ध रहे तथा उनका योगदान जनसेवा के क्षेत्र में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
सीएम ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि इस दुखद हादसे में दिवंगत सभी पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है। शोक प्रस्ताव के बाद कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े कुल आठ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार इन प्रस्तावों का संबंध विभिन्न विभागों से जुड़े नीतिगत और प्रशासनिक विषयों से था, जिन पर कैबिनेट ने विचार-विमर्श किया। प्रस्तावों से संबंधित विस्तृत जानकारी को लेकर सरकार की ओर से अलग से जानकारी साझा किए जाने की संभावना है। कैबिनेट बैठक के दौरान पूरे सदन में गंभीर और संवेदनशील वातावरण रहा। सरकार की ओर से यह संदेश दिया गया कि जनसेवा से जुड़े व्यक्तियों के योगदान को सम्मान देना और दुख की घड़ी में एकजुटता दिखाना लोकतांत्रिक मूल्यों का अहम हिस्सा है।
ये हुए निर्णय..
चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग- ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता जिन्होंने पांच साल सेवा कर ली, उन्हें आपसी सहमति से जनपद में तबादले का मौका मिलेगा।
राजस्व – आपसी समझौते के स्तर पर सीधे भूमि खरीद के लिए मालिकों से जमीन खरीदी जा सकेगी। भूमि अधिग्रहण के अलावा सीधे मालिक से ले सकेंगे।
पराग फार्म की जमीन सिडकुल को दी गई थी। इस जमीन को अन्य को बेचने, पट्टे पर देने का प्रावधान नहीं होगा। सिडकुल सब लीज कर सकेगी।
जनजाति कल्याण – देहरादून, उधमसिंह नगर समेत चार जिला जनजातीय कल्याण अधिकारी के पद स्वीकृत।
उत्तराखंड में गैर कृषि कार्यों के लिए जमीन को छोड़कर बाकी औद्योगिक इकाइयों, आवासीय सोसाइटी में जल मूल्य प्रभार लगेगा। भूमिगत जल के व्यावसायिक इस्तेमाल पर देना होगा शुल्क।
उत्तराखंड निजी विवि अधिनियम में संशोधन, जीआरडी उत्तराखंड विवि बनेगा। आगामी बजट सत्र में विधानसभा में आएगा अध्यादेश।
चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी को संयुक्त रूप से रक्षा मंत्रालय को देने की सहमति। संयुक्त रूप से चलेंगी।
ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी। इसके तहत सब्सिडी पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगा फैसला।