नक्शे पास करना अब होगा आसान, अवैध निर्माण की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में आवासीय परियोजनाओं के तेजी से और पारदर्शी तरीके से पूरा होने को लेकर आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नक्शे पास कराने की प्रक्रिया को और सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा, ताकि आम नागरिकों और निवेशकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। डॉ. राजेश कुमार ने यह भी कहा कि वह खुद महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे और इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि ऋषिकेश, देहरादून, आढ़त बाजार और इंदिरा मार्केट की परियोजनाएं उनकी प्राथमिकता में रहेंगी। बुधवार को सचिव ने एमडीडीए (MDDAs) की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और निर्माण गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। आवास सचिव ने मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को लेकर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रणाली को और अधिक सहज, पारदर्शी और डिजिटल रूप से सक्षम बनाया जाए, ताकि नागरिक और निवेशक आसानी से आवेदन कर सकें और परियोजनाओं में देरी न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से न केवल निर्माण कार्यों की गति बढ़ेगी, बल्कि शहरों में आवासीय परियोजनाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। आवास विभाग ने कहा कि यह पहल नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण और प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण साबित होगी। सचिव डॉ. राजेश कुमार ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना में देरी या गुणवत्ता से समझौता न हो, इसके लिए नियमित निरीक्षण और सख्त मॉनीटरिंग की जाएगी।
उत्तराखंड में शहरी विकास और आवासीय परियोजनाओं को गति देने के लिए आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने एक व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। सचिव ने कहा कि तेज और सुगम प्रक्रिया से न केवल शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अवैध निर्माण की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा।डॉ. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं सभी महत्वपूर्ण और निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उनका कहना है कि निरीक्षण के माध्यम से कार्यों की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना आसान होगा और परियोजनाओं में आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सकेगा। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में एमडीडीए द्वारा ऋषिकेश, देहरादून तहसील क्षेत्र, आढ़त बाजार और इंदिरा मार्केट से जुड़ी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, और निर्माण गुणवत्ता के मानकों में किसी प्रकार की छूट न दी जाए।
सचिव ने कहा कि मानचित्र स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया को और अधिक सुगम, पारदर्शी और डिजिटल रूप से सक्षम बनाया जाएगा, ताकि नागरिकों और निवेशकों को आवेदन और अनुमोदन में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति नियमित रूप से मॉनीटर की जाए और किसी भी बाधा का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि सचिव का यह कदम शहरी विकास की गति बढ़ाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। सचिव का लक्ष्य है कि सभी परियोजनाएं नियोजित समय सीमा में पूरी हों और गुणवत्ता के मानकों पर कोई समझौता न हो, जिससे राज्य में आवासीय और शहरी विकास दोनों को मजबूती मिले।