मेडिकल कॉलेजों में 64 नए फार्मासिस्ट नियुक्त, सरकार ने दिए त्वरित तैनाती के आदेश..
उत्तराखंड: उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड की ओर से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में फार्मासिस्ट पदों पर भर्ती का अंतिम परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के तहत कुल 73 रिक्त पदों के सापेक्ष 64 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है। हालांकि, आठ पदों पर चयन परिणाम को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में फिलहाल रोक लगाई गई है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध चिकित्सालयों में लंबे समय से खाली चल रहे फार्मासिस्ट पदों को भरने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से 73 रिक्त पदों का प्रस्ताव उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया था।
चयन बोर्ड द्वारा 19 अक्टूबर 2024 को फार्मासिस्ट भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। भर्ती प्रक्रिया के तहत प्राप्त आवेदनों की चरणबद्ध तरीके से अभिलेखों की जांच और सत्यापन किया गया। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद बोर्ड ने अंतिम चयन परिणाम जारी किया। मंत्री ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी, जिससे मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में दवा वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। वहीं जिन आठ पदों पर न्यायालय के आदेश के चलते परिणाम रोका गया है, उनके संबंध में आगे की कार्रवाई अदालत के निर्णय के अनुसार की जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने वर्षवार मेरिट के आधार पर फार्मासिस्ट के कुल 73 पदों के सापेक्ष 64 अभ्यर्थियों का चयन करते हुए अंतिम परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। हालांकि आठ पदों का परिणाम हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका के चलते फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। वहीं अनुसूचित जाति श्रेणी के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी या उनके आश्रितों के लिए विज्ञापित एक पद पर कोई भी पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हो सका है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नियुक्ति की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।
चयनित फार्मासिस्टों को प्रदेश के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध चिकित्सालयों में शीघ्र तैनाती दी जाएगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। डॉ. रावत ने कहा कि फार्मासिस्टों की तैनाती से मेडिकल कॉलेजों में दवा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे न केवल दवाओं के रखरखाव और वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि मरीजों को भी अस्पतालों में समय पर और सुचारू रूप से दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस भर्ती से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है और भविष्य में भी रिक्त पदों को भरने के लिए इसी तरह पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी।