उत्तराखंड

कर्णप्रयाग में भालू का आतंक, घर के बाहर खड़े व्यक्ति पर हमला, बाल-बाल बची जान..

कर्णप्रयाग में भालू का आतंक, घर के बाहर खड़े व्यक्ति पर हमला, बाल-बाल बची जान..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में वन्यजीवों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। आदिबद्री क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंगा के कंड तोक में बुधवार सुबह भालू ने एक व्यक्ति पर हमला करने की कोशिश की, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब 7:30 बजे की है। घर के बाहर खड़ा एक व्यक्ति अचानक सामने आए भालू को देखकर घबरा गया। भालू ने उस पर झपटने का प्रयास किया, लेकिन व्यक्ति ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत घर के अंदर घुसकर दरवाजा बंद कर लिया, जिससे उसकी जान बच गयी। क्षेत्र पंचायत सदस्य भूपेंद्र कुंवर ने कहा कि जब आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो भालू वहां से जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग घरों से बाहर निकलने में भी हिचकिचा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भालू की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और पहले भी आसपास के इलाकों में भालू देखे जाने की शिकायतें मिलती रही हैं। वन विभाग को इस संबंध में सूचना दे दी गई है, लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि गश्त बढ़ाई जाए और जल्द ठोस कदम उठाए जाएं। राज्य में भालू और अन्य वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक वन्यजीवों का खतरा बना हुआ है। आमतौर पर तेंदुओं के हमलों के मामले अधिक सामने आते रहे हैं, लेकिन वर्ष 2025 में तेंदुओं की तुलना में भालू के हमलों में अधिक लोग घायल हुए हैं।

आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष राज्य में वन्यजीवों के हमलों में कुल 68 लोगों की मौत हुई, जबकि 488 लोग घायल हुए। इनमें भालू के हमलों में आठ लोगों की जान गई और 108 लोग घायल हुए हैं। यह आंकड़ा राज्य गठन के बाद अब तक का सबसे अधिक माना जा रहा है। वहीं तेंदुओं के हमलों में 102 लोग घायल हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जंगलों के सिमटने और मानव बस्तियों के जंगलों के करीब फैलने के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए, पिंजरे लगाए जाएं और लोगों को सुरक्षित करने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए।

 

 

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