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चकराता के लखस्यार गांव स्थित प्रसिद्ध महासू देवता में तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न

हमें अपने लोक अनुष्ठानों का निर्वाहन करना चाहिए- माताश्री मंगलाजी

विश्व में शांति और सदभाव के लिए जरूरी हैं कि हम सब अपनी आस्था और भावनाओं से जुड़े अनुष्ठानों का निर्वाहन करते रहे। इससे जीवन में नयी विचारधारा का उत्सर्जन ही नहीं होता बल्कि हमारे सांस्कृति परिवेश की छवि विश्व सांस्कृति मंच पर भी चमकती हुई दिखती है। यह हमारे लिए सम्मान की बात,यह इसलिए भी सम्मान की बात हैं कि हम देवभूमि के निवासी हैं। यहां कण-कण में देवता निवास करते हैं। इसलिए भी हमें अपने देवों के लिए देव अनुष्ठानों का आयोजन करते रहना चाहिए।
उक्त विचार हंस कल्चर सेंटर एवं हंस फाउंडेशन की प्रेरणास्त्रो माताश्री मंगला जी ने देवभूमि स्थान लखस्यार खत-फरटाड़ के तत्वावधान में लखस्यार खत-फरटाड़ कालसी में आयोजित महासू देवता मंदिर में मूर्ति स्थापना एवं अनुष्ठान कार्यक्रम में व्यक्त किए।
इसी के साथ चकराता के लखस्यार गाँव स्थित प्रसिद्ध महासू देव मंदिर में तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन हो गया । रविवार को देव पालकी के स्नान के बाद मंदिर में महासू महाराज की पालकी और मूर्ति की पूरे विधि विधान के साथ स्थापना की गई । इस धार्मिक अनुष्ठान में हजारों की संख्या में आस्था का सैलाब मंदिर में उमड़ा, अनुष्ठान में माता मंगला जी और भोले जी महाराज एवं लेडी गर्वनर ओमिता

पाल ने भी धर्म लाभ उठाया
इस मौके पर माता मंगला जी ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से ही हमारी संस्कृति जीवंत होकर अगली पीढ़ीयों तक पहुँचती है । हम हमेशा इस दिशा में प्रयासरत हैं की हमारी संस्कृति अगली पीढ़ीयों तक पहुँचाई जाए और सभी को उत्तराखण्ड के ईष्ट देवताओं का आशिर्वाद प्राप्त हो सके । यही वजह भी है की हम समय-समय पर इस मंदिर में आते हैं और हमें यहाँ सेवा करने का अवसर प्राप्त होता है।
श्री महासू देवात मंदिर में मूर्ति स्थापित कर महासू देवता से पूरे देश में सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हुए माता मंगलाजी ने कहां कि हम श्री महासू देवता के श्रीचरणों में शीष नवातें हुए आप सभी के जीवन में सुख-शांति के लिए कामना करते है। साथ ही मैं श्री महासू देवता मंदिर समिति एवं समस्त जनता खत-फरहाड़ कलासी को इस बेहतर कार्य के लिए बधाई भी देती हूँ । विशेष तौर पर श्री महासू देवता मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित मुन्नालाल नौटियाल जी को भी मैं बधाई देना चाहूंगी कि उन्होंने श्री महासू देवता के चरणों में हमें भी शीष नवाने का मौका दिया।

माताश्री मंगला जी ने इस अनुष्ठान में आए तमाम अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहां की हम देश के कई राज्यों में स्वास्थ्य-शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे है। जिससे निश्चित तौर पर जरूरमंद लोगों के जीवन में रोशनी की किरणें आ रही है। आज जौनसार क्षेत्र में श्री महासू देवात मंदिर में यह आयोजन हुआ हैं। इससे पहले भी इस तरह के आयोजन होते रहे है। हम पहले भी यहां आएं हैं,फिर भी हम आप सबसे आग्रह करना चाहेंगे कि अपने लोक उत्सवों,अपनी लोक परंपराओं और अपने देव उत्सवों के लिए हमारे द्वारा कभी भी किसी भी प्रकार की सेवा हो तो आप हमें बताइएगा। हम हमेशा आपके साथ खड़े है। मैं एक बार फिर से इतने अच्छे देव आयोजन के लिए आप सभी को बधाई देती हूं और यहां आएं तमाम अतिथियों को प्रणाम करती है।
इस मौके पर महासू देवता मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित मुन्ना लाल नौटियाल ने कार्यक्रम में आए गणमान्य अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि समाजसेवी माताश्री मंगलाजी एवं भोलेजी महाराज जी ने हमेशा की तरह हमें आशीर्वाद प्रदान किया। इसके लिए खत
फरटाड़.कलासी की जनता आपकी आभारी हैं। आपके सहयोग और आशीष से इस तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन सफल हुआ है।

आपको बता दें कि तीन दिन तक चले महासू देवता में मूर्ति स्थापना(अनुष्ठान) में विशाल भंडारा एवं सांस्कृति कार्यक्रम का आयोजन भी हुआ जिसमें उत्तराखंड के लोक कलाकारों ने महासू देवता का गुणगान किया।
इस विशाल आयोजन में हंस कल्चर सेंटर एवं हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्त्रोत माताश्री मंगलाजी एवं भोलेजी महाराज जी के साथ लक्ष्मण भाई पटेल सहित देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने महासू देवता का आशीर्वाद लिया।
जगमोहन ‘आज़ाद‘

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