उत्तराखंड

ईरान में तनाव के बीच उत्तराखंड के 30 छात्र फंसे, फोन संपर्क टूटा, घर वापसी पर संकट..

ईरान में तनाव के बीच उत्तराखंड के 30 छात्र फंसे, फोन संपर्क टूटा, घर वापसी पर संकट..

 

 

 

 

उत्तराखंड: अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान में की गई संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। हमलों के तुरंत बाद ईरान ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गईं। इस स्थिति का असर विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है। उत्तराखंड के कई छात्र और नागरिक फिलहाल ईरान में फंसे हुए बताए जा रहे हैं, जिससे उनके परिजनों की चिंता लगातार बढ़ रही है। जानकारी के अनुसार हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र से इस वर्ष लगभग 30 छात्र इस्लामिक स्टडीज की पढ़ाई के लिए ईरान गए हैं। शनिवार दोपहर हुए हमलों के बाद वहां हवाई सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगलौर से करीब 10 छात्र, जैनपुर झंझेडी से 10 छात्र और टांडा भनेड़ा से 2 छात्र ईरान में अध्ययनरत हैं। इसके साथ आसपास के अन्य क्षेत्रों से भी कुछ छात्र वहां मौजूद हैं। हमलों के बाद संचार व्यवस्था प्रभावित होने से परिजनों का बच्चों से संपर्क भी बाधित हो गया है। कई परिवारों का कहना है कि फोन पर बातचीत नहीं हो पा रही है या बहुत सीमित संपर्क हो रहा है। इससे परिवारों की चिंता और अधिक बढ़ गई है।

छात्रों के परिजनों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने परिवारों की बेचैनी बढ़ा दी है। परिजनों ने विदेश मंत्रालय से अपील की है कि ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की स्थिति स्पष्ट की जाए और उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। हमलों के बाद ईरान में एयरस्पेस बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। ऐसी स्थिति में भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी एक बड़ी चुनौती बन गई है। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों ने भी केंद्र सरकार से संपर्क साधने की बात कही है। परिवारों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही ठोस पहल कर छात्रों को सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था करेगी। फिलहाल सभी की निगाहें केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

 

 

 

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