उत्तराखंड

बद्रीनाथ हाईवे सिरोबगड़ में दो दिन से बंद, लोग परेशान..

बद्रीनाथ हाईवे सिरोबगड़ में दो दिन से बंद, लोग परेशान..

राजमार्ग के दोनों ओर फंसे हैं भारी वाहन, यात्रियों की बसें भी फंसी..

रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपद में नहीं हो पा रही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति..

उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने किया मौके का मुआयना..

एनएच के अधिकारियों को युद्ध स्तर पर कार्य करने के दिए निर्देश..

 

 

 

 

 

 

रुद्रप्रयाग। लगातार हो रही बारिश के कारण बद्रीनाथ हाईवे पर सिरोबगड़ डेंजर जोन एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। राजमार्ग के बंद होने से भारी वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है, जबकि हल्के वाहनों की आवाजाही डुंगरीपंथ-खांखरा मोटरमार्ग से की जा रही है। भारी वाहनों की आवाजाही नहीं होने से रुद्रप्रयाग एवं चमोली जिले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। यहां पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है।

बता दें कि लगातार बारिश के कारण बद्रीनाथ हाईवे पर भूस्खलन का सिलसिला जारी है। बारिश और भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ हाईवे दो दिनों से रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर सिरोबगड़ में बंद है। यहां पर पहाड़ी से लगातार बोल्डर और मलबा गिर रहा है। जिस कारण हाईवे को खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। फिलहाल हल्के वाहनों को डुंगरीपंथ-खांखरा वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा है, जबकि भारी वाहन राजमार्ग के दोनों ओर फंसे हुए हैं।

 

इनमें यात्रियों की बसे भी फंसे हुई हैं, जो राजमार्ग के खुलने का इंतजार कर रही हैं। राजमार्ग के दो दिनों से बंद होने के कारण रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपद में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी ठप पड़ गई है। पिछले एक दशक से सिरोबगड़ डेंजर जोन का स्थाई ट्रीटमेंट नहीं हो पाया है। इसके ठीक सामने आॅल वेदर परियोजना के तहत पपड़ासू बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है, जो तीन साल से जारी है। बाईपास निर्माण में तीन पुलों का भी निर्माण होना है, जिनमें एक पुल का आधा काम हुआ है, जबकि दो पुलों की सिर्फ नींव ही रखी गई है।

 

बाईपास का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। अगर यह कार्य जल्द पूरा किया जाए तो सिरोबगड़ का स्थायी समाधान हो जायेगा, लेकिन लगता नहीं कि यह कार्य अभी तीन से चार सालों के भीतर हो पायेगा। सिरोबगड़ डेंजर एनएच विभाग के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। मलबा साफ करने में करोड़ों रूपए खर्च किये जा रहे हैं, जिससे विभागीय अभियंताओं और ठेकेदार की मौज पड़ी है।

वहीं भारी बारिश के चलते दो दिनों से सिरोबगड़ में बंद पड़े राष्ट्रीय राजमार्ग को खुलवाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग अपर्णा ढौंडियाल ने मौके का मुआयना कर एनएच के अधिकारियों एवं ठेकेदारों को युद्ध स्तर पर कार्य कर यातायात को सुचारू करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जिले में मानसून के दृष्टिगत आपदा से निपटने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी समेत संबंधित विभागों को यातायात सुचारू रखने के लिए हर स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए हंै। उप जिलाधिकारी अर्पणा ढौंडियाल ने बताया कि मानसून के लिहाज से सिरोबगड़ हमेशा से ही संवेदनशील स्थान रहा है। बीते रोज भारी बारिश के बाद पहाड़ से मलबा एवं पत्थर सड़क पर आ गये थे, जिसके बाद से लगातार प्रशासन स्थिति पर नजर बनाये हुुए है। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों एवं ठेकेदारों को शीघ्र-अतिशीघ्र मलबा साफ कर मार्ग को खोलने के निर्देश दिए गए हंै।

भारी बारिश के चलते छः लिंक मार्ग बंद..

लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले लिंक मार्ग भी जगह-जगह बंद हो गये हैं। जिले के अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित मोटरमार्ग बंद पड़े हैं। इनमें खिर्सू-खेड़ाखाल-काण्डई-खांकरा, मयाली-गुप्तकाशी, छेनागाढ़-बक्सीर, गुप्तकाशी-कालीमठ-कोटमा-जाल-चैमासी, अन्दरगढ़ी-धरतोलियों के अलावा जवाड़ी-घंेघड़खाल मोटरमार्ग बंद पड़े हैं।

इन लिंक मार्गो पर जगह-जगह मलबा आया हुआ है, जबकि कई स्थानों पर पुश्ते भी ध्वस्त हो गये हैं। ऐसे में मार्गो पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है और ग्रामीण जनता को मीलों का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवार ने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण जिले के छः लिंक मार्ग बंद पड़े हुए हैं। इन मोटरमार्गो पर पहाड़ी से मलबा आया है, जिसे साफ करने में विभागों की मशीने जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही लिंक मार्गो को खोलकर आवाजाही सुचारू कर दी जाएगी।

 

 

 

 

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