विष्णुगाड-पीपलकोटी हादसे के बाद कार्रवाई,खामियां पाए जाने पर लोको वैगन चालक बर्खास्त..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में एक लोको वैगन की टक्कर से हुई दुर्घटना के बाद जिम्मेदार चालक को बर्खास्त कर दिया गया है। यह जानकारी परियोजना के कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने मुख्यालय में पत्रकारों को दी। जानकारी के अनुसार पीपलकोटी परियोजना के टीबीएम टनल में मजदूरों को कार्यस्थल तक पहुंचाने के लिए लोको वैगन का उपयोग किया जाता है। मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे एक लोको वैगन टनल के बाहर से रात्रि शिफ्ट के 81 मजदूरों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान वह वैगन टनल में खड़ी दूसरी लोको वैगन से टकरा गई। दुर्घटना के तुरंत बाद बाहर से अतिरिक्त लोको वैगन भेजकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
गंभीर रूप से घायल मजदूरों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया। टीएचडीसी अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना की शुरुआती जांच में चालक की लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। परियोजना प्रबंधन ने आगे सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा करने और दुर्घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। परियोजना के सूत्रों का कहना है कि टनल में संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी और मजदूरों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाएगा।
उत्तराखंड की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में हुई टनल दुर्घटना के तीन दिन बाद भी जांच जारी है। परियोजना के कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने कहा कि मंगलवार रात टनल में दो लोको वैगन की टक्कर में घायल हुए 81 मजदूरों में से 76 को जिला चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई है। पांच का उपचार अभी चल रहा है और उन्हें भी जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। टीएचडीसी ने दुर्घटना को गंभीरता से लिया है और घायलों के उपचार के सभी खर्चों की जिम्मेदारी लेने की बात कही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार खड़ी हुई लोको वैगन का ब्रेक फेल होने से वह अपने स्थान से खिसक गई और उसी समय मजदूरों को लेकर आ रही दूसरी लोको वैगन से टकरा गई। घटनास्थल पर मौजूद नहीं होने के कारण उस लोको वैगन के चालक को बर्खास्त कर दिया गया है।
इसके साथ ही सुपरवाइजर की भी जांच की जा रही है और सुरक्षा मानकों का दोबारा ऑडिट किया जा रहा है। यदि जांच में कोई चूक या खामी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों या कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। टीएचडीसी अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना की पूर्ण वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है और प्राथमिक जांच भी पूरी नहीं हुई है। हालांकि, परियोजना प्रबंधन का कहना है कि पूरी जांच के बाद दोषियों की पहचान कर उन्हें नियमों के अनुसार दंडित किया जाएगा। सुरक्षा मानकों की समीक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए टीएचडीसी ने सतर्क रहने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा किया जाएगा।
परियोजना निर्माण गति पर नहीं पड़ेगा प्रभाव..
उत्तराखंड की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना, जिसे 2011 में मंजूरी मिली थी, अब तेजी से अपनी मंज़िल की ओर बढ़ रही है। 444 मेगावाट की इस परियोजना का निर्माण 2014 में शुरू हुआ था और इसे चार यूनिटों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले यूनिट के कार्य पूर्ण करने की समयसीमा मार्च 2027 निर्धारित की गई है। परियोजना के कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने कहा कि अब तक 70 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में टनल में हुई दुर्घटना के बावजूद परियोजना की कुल निर्माण गति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कुमार शरद ने कहा कि परियोजना में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है और किसी भी घटना के बावजूद कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि चार यूनिटों के निर्माण में तकनीकी और प्रशासनिक दृष्टि से पूरी तैयारियां की जा रही हैं ताकि परियोजना समय पर पूर्ण हो सके। विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना उत्तराखंड में ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे राज्य की ऊर्जा आपूर्ति में सुधार के साथ-साथ स्थानीय विकास और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।