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उत्तराखंड

उप शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली पर शिक्षकों ने जताया रोष

उप शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली पर शिक्षकों ने जताया रोष , विकासखण्ड मुख्यालय में किया जायेगा विशाल प्रदर्शन
शिक्षकों के प्रकरणों का नहीं किया जा रहा समाधान , उत्तराखण्उ प्राथमिक शिक्षक संघ की मुख्यालय में संयुक्त बैठक

रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ चोपता एवं रुद्रप्रयाग शाखा की संयुक्त बैठक मुख्यालय में आहूत की गयी, जिसमें विकासखण्ड अगस्त्यमुनि में तैनात उप शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली पर आक्रोश जताते हुए शिक्षकों के लंबित प्रकरणों पर चर्चा की गई। रोष व्यक्त करते हुए कहा गया कि उप शिक्षा अधिकारी के खिलाफ विकासखण्ड मुख्यालय में विशाल रैली आयोजित की जायेगी।
बैठक में मुख्य रूप से अगस्त्यमुनि विकासखण्ड में उप शिक्षा अधिकारी की कार्य प्रणाली पर आक्रोश जताया गया। कहा गया कि शिक्षकों के लंबित प्रकरणों का समाधान नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही विगत मई एवं जून में उप शिक्षा अधिकारी को शिक्षकों के लंबित 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया था, जिसमें से आज तक एक भी प्रकरण पर कार्रवाई नहीं की गयी है।

शिक्षक चन्द्रमोहन वशिष्ठ के यात्रा व्यय का भुगतान नहीं किया गया है। विकासखण्ड में व्यवस्था, समायोजन एवं विद्यालयों के विलीनीकरण के नाम पर समायोजन नियमावली के विरूद्ध कार्य किया जा रहा है। एजुकेशन पोर्टल पर शिक्षकों के विषयों को मनमाने तरीके से दिखाया जा रहा है। सातवें वेतनमान के एरियर के भुगतान के लिए अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। आयकर फार्म 16 में शिक्षकों के अग्रिम कटे आयकर को नहीं दर्शाया गया है। ऐसे में शिक्षकों को आयकर रिटर्न भरने में परेशानी हो रही है और शिक्षकों को आयकर विभाग से नोटिस आ रहे हैं। बैठक में शिक्षक नेता जगदीश भट्ट ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के देयकों का अभी तक भुगतान न होने पर रोष व्यक्त किया। राकेश गैरोला ने प्रमोशन शीघ्र किये जाने की बात कही। वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों की अंशदायी पेंशन पास बुक में अभी तक अंकना नहीं की गयी है। एलटी में प्राथमिक शिक्षकों का कोटा चालीस प्रतिशत से बढ़ाकर पचास प्रतिशत किया गया है।

उप शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षिकाओं के बाल्य देखभाल अवकाश देने को लेकर भेदभाव किया जा रहा है। कई शिक्षकों का वेतन अकारण रोका गया है। ऐसे में शिक्षकों ने आक्रोश जताते हुए उप शिक्षा अधिकारी के खिलाफ विशाल रैली का निर्णय लिया। इस मौके पर शिक्षक नेत्री श्रीमती लक्ष्मी शाह, विक्रम सिंह झिंक्वाण, मातबर नेगी, उपेन्द्र बिष्ट, हरीश गिरी, नरेन्द्र बिष्ट, नरोत्तम नौटियाल, जयलक्ष्मी घिल्डियाल, अनूप बशिष्ठ, मदनमोहन काण्डपाल सहित कई मौजूद थे।

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