अल्मोड़ा में मकान गिरने से तीन लोगों की मौत, रेस्क्यू के बाद बाहर निकाले गए शव..
उत्तराखंड: अल्मोड़ा के सोमेश्वर क्षेत्र के ग्राम वडयूडा में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक मकान अचानक भरभरा कर गिर गया। मकान के मलबे में दबने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कई घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसके बाद मलबे से तीनों शव बाहर निकाले जा सके। हादसे की खबर सामने आने के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मंगलवार सुबह आपदा संबंधी सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ को ग्राम वडयूडा में मकान गिरने की जानकारी दी गई। बताया गया कि हादसे के बाद कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सरियापानी पोस्ट से एसडीआरएफ की टीम उपनिरीक्षक पंकज डंगवाल के नेतृत्व में रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई। हालांकि, टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गांव से लगभग तीन किलोमीटर पहले सड़क पर मलबा जमा होने के कारण रास्ता बंद था। इसके बाद जवान जरूरी उपकरण लेकर पैदल ही आगे बढ़े और मौके तक पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद एसडीआरएफ ने स्थानीय पुलिस, फायर सर्विस और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मकान का मलबा काफी बिखरा हुआ था, जिसके चलते एक-एक हिस्से की बारीकी से जांच की गई। रेस्क्यू टीम ने मलबे को हटाते हुए लगातार तलाशी अभियान जारी रखा। काफी मशक्कत के बाद मलबे के अंदर दबे तीन लोगों के शव बरामद किए गए।
मृतकों की हुई पहचान
मलबे से बरामद मृतकों की पहचान प्रेमा देवी (42), पत्नी राजेंद्र राम, कल्पना आर्या (19), पुत्री राजेंद्र राम और मनीष कुमार (18), पुत्र राजेंद्र राम के रूप में हुई है। तीनों मृतक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में भी मातम छा गया। हादसे के समय परिवार का एक अन्य सदस्य गुलाब राम मकान से बाहर बने एक अलग कमरे में सो रहा था। मकान गिरने की आवाज और हलचल के बीच वह सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा। हादसे में उसे किसी तरह की चोट नहीं आई। घटनास्थल से पहले सड़क पर मलबा आने के कारण राहत टीमों को मौके तक पहुंचने में परेशानी हुई। एसडीआरएफ जवानों ने स्थिति को देखते हुए जरूरी रेस्क्यू उपकरण अपने साथ लेकर पैदल रास्ता तय किया। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाने और दबे लोगों की तलाश का काम शुरू किया गया। लगातार प्रयास के बाद तीनों शवों को मलबे से बाहर निकाला गया। एसडीआरएफ ने शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया। हादसे की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन और पुलिस की टीम घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।