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उत्तराखंड

जूनियर हाई स्कूल शिक्षकों की पदोन्नति पर गरमाया मामला..

जूनियर हाई स्कूल शिक्षकों की पदोन्नति पर गरमाया मामला..

शिक्षा मंत्री ने दिए 25% एलटी पदों पर प्रमोशन के निर्देश..

 

 

 

 

उत्तराखंड: प्रदेश में शिक्षकों की तैनाती अब पहले से ज्यादा शिक्षक केंद्रित और लचीली होगी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षक स्वयं सुझाव दें कि उन्हें दूरदराज क्षेत्रों में किस तरह से तैनात किया जाए। प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक ब्लॉक कैडर या स्टेट कैडर को लेकर भी खुद ही विभाग को अपनी इच्छा बताएंगे। शिक्षकों से सीधे सुझाव लिए जाएंगे, ताकि नीति में बदलाव करते समय उनकी वास्तविक समस्याओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा जा सके। इस कदम से न केवल तैनाती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि शिक्षकों को भी संतुलनपूर्ण कार्यस्थल चुनने का अवसर मिलेगा। इससे शिक्षा व्यवस्था में स्थायित्व और गुणवत्ता दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखंड में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के कैडर सिस्टम को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। एक ओर जहां कुछ शिक्षक स्टेट लेवल कैडर की वकालत कर रहे हैं ताकि उन्हें ज्यादा अवसर और स्थानांतरण की सुविधा मिले, वहीं दूसरी ओर कुछ शिक्षक मौजूदा ब्लॉक कैडर व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी मानते हैं। अब जब शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने स्वयं शिक्षकों से सुझाव मांगने की पहल की है, तो यह बहस एक निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रही है। आने वाले समय में यह तय होगा कि उत्तराखंड के प्राथमिक शिक्षकों का भविष्य राज्य स्तर पर तय होगा या स्थानीय ब्लॉक स्तर पर। इसके लिए जल्द ही विभागीय बैठक आहूत की जाएगी। जिसमें शिक्षकों के सुझाव लिए जाएंगे। उधर, दूसरी तरफ प्रदेश के दूर दराज क्षेत्रों के स्कूलों में शत प्रतिशत तैनाती के लिए भी शिक्षकों से ही सुझाव दिए जाएंगे।

25 फीसदी एलटी के पदों पर पदोन्नति के निर्देश..

शिक्षा विभाग एक बार फिर शिक्षकों की लंबित पदोन्नति को लेकर चर्चा में है। जूनियर हाई स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को एलटी (सहायक अध्यापक) के पदों पर प्रमोट करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। अब शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को 25 फीसदी एलटी पदों पर तत्काल पदोन्नति करने के निर्देश दिए हैं। इसके पीछे की वजह यह है कि शिक्षा विभाग में काफी समय से शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो पाई थी और सहायक अध्यापक प्रवक्ता के करीब 3000 पदों पर पदोन्नति लटकी हुई है। इस मामले में शिक्षक संघों की तरफ से भी समय-समय पर अपनी बात रखी जाती रही है।हालांकि, इसके बाद भी कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।

पीटीए शिक्षक भी कर रहे ये मांग..

शिक्षा विभाग में अशासकीय विद्यालयों के पीटीए (PTA) शिक्षक भी इनदिनों विभाग के लिए सिर दर्द बने हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि, अशासकीय विद्यालयों में काम कर रहे यह शिक्षक खुद को मानदेय की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए यह शिक्षा निदेशालय में धरने पर भी बैठे हैं। खास बात ये है कि इन शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से मुलाकात कर अपनी मांग को रखा है. जिसके बाद अधिकारियों को शिक्षा मंत्री की तरफ से मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षकों के खाली पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ने का फैसला लिया गया है। इसमें ऐसे जिलों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। जिन जिलों में प्राथमिक शिक्षकों के खाली पद बने हुए हैं। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने इस संदर्भ में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से आवेदन मांगे जाने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में शिक्षा विभाग में करीब 3000 पदों पर भर्ती की गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी कुछ जिलों में पद खाली रह गए थे। इसके पीछे की एक वजह ये भी है कि शिक्षक दुर्गम क्षेत्र में जाने से बच रहे हैं। ऐसे में विभाग में कई पद खाली रह जाते हैं। इसी को देखते हुए अब जिला स्तर पर शिक्षकों की भर्ती किए जाने का निर्णय लिया गया है।

 

 

 

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