CM धामी का ऐलान- अब यहां आयोजित होगा विधानसभा का अंतिम बजट सत्र..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का अंतिम बजट सत्र इस वर्ष गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में ही आयोजित किया जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकार की ओर से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और बजट सत्र को लेकर किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं है। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम धामी ने कहा कि सरकार पहले से ही यह चाहती थी कि बजट सत्र गैरसैंण में आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी बजट सत्र को भराड़ीसैंण में कराने का प्रस्ताव था, लेकिन उस समय विधानसभा भवन में मेंटेनेंस और अन्य तकनीकी कार्य चल रहे थे, जिसके चलते मजबूरी में सत्र को देहरादून स्थानांतरित करना पड़ा था। सीएम ने स्पष्ट किया कि इस बार परिस्थितियाँ पूरी तरह अनुकूल हैं। विधानसभा भवन, प्रशासनिक व्यवस्थाएं, सुरक्षा इंतजाम और अन्य आवश्यक तैयारियाँ समय से पूरी कर ली गई हैं।
अब किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या सामने नहीं है, जिससे बजट सत्र के आयोजन में बाधा उत्पन्न हो। सीएम धामी ने कहा कि गैरसैंण राज्य की भावनाओं से जुड़ा हुआ है और सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि अधिक से अधिक महत्वपूर्ण गतिविधियाँ यहां आयोजित की जाएं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस बजट सत्र में राज्य के विकास, आधारभूत ढांचे, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। बता दे कि भराड़ीसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे में पंचम विधानसभा के अंतिम बजट सत्र का यहां आयोजन राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के इस फैसले के बाद बजट सत्र को लेकर तैयारियों में तेजी आ गई है। प्रशासन और विधानसभा सचिवालय को सभी आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि सत्र का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर व्यापक स्तर पर मंथन कर रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार इस बार राज्य के बजट आकार में पिछले वर्ष की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है, तो यह बजट राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। सरकार इस बार बजट में विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता दे सकती है। खासतौर पर दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। इसी बीच बजट को लेकर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या का अहम सुझाव सामने आया है। मंत्री ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन को पत्र लिखकर आगामी बजट में 30 प्रतिशत राशि जेंडर बजट के रूप में आरक्षित करने की मांग की है। यह सुझाव राज्य की बजट नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। मंत्री रेखा आर्या ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए यदि पर्याप्त बजट आवंटन किया जाता है, तो इसके सकारात्मक परिणाम लंबे समय तक देखने को मिलेंगे। उनका मानना है कि जेंडर बजट के जरिए महिलाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, कौशल विकास और सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को और अधिक मजबूती दी जा सकती है। इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि समग्र सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। वित्त विभाग और शासन स्तर पर बजट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। विभिन्न विभागों से प्रस्ताव मंगाए जा चुके हैं और प्राथमिकताओं के आधार पर उनका परीक्षण किया जा रहा है। आने वाले दिनों में बजट को लेकर और भी अहम सुझाव और प्रस्ताव सामने आने की संभावना है।यदि बजट में अनुमानित बढ़ोतरी और महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया जाता है, तो यह बजट विकास और समावेशी नीति का स्पष्ट संकेत देगा। सूत्रों का कहना है कि 2026-27 का बजट सत्र होली के करीब दो सप्ताह बाद आयोजित किया जा सकता है। हालांकि अभी तक बजट सत्र की आधिकारिक तिथि की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन गैरसैंण में सत्र होने की पुष्टि के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।