केदारनाथ यात्रा से पहले सड़क सुधार तेज, DM विशाल मिश्रा ने दिए कड़े निर्देश..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच केदारनाथ धाम जाने वाले मार्गों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने काम तेज कर दिया है। यात्रा शुरू होने से पहले सड़क व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग जिले में महत्वपूर्ण बाईपास मार्ग के सुधार कार्य को प्राथमिकता दी गई है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने हाल ही में जवाड़ी से रुद्रप्रयाग टनल तक जाने वाले लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे बाईपास मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। यह मार्ग केदारनाथ यात्रा के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने में अहम भूमिका निभाता है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पहले इस मार्ग को पूरी तरह से दुरुस्त कर लिया जाए।
बताया गया कि बीते मानसून के दौरान भारी भूस्खलन के कारण इस बाईपास का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। ऐसे में अब इसे तेजी से सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन के अनुसार राज्य सरकार की ओर से भी चारधाम यात्रा मार्गों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों को यात्रा मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत जवाड़ी बाईपास के क्षतिग्रस्त हिस्सों के मरम्मत कार्य को भी तेज किया गया है।
पहले इस कार्य को आरबीएनएल के माध्यम से कराने की योजना थी, लेकिन समय कम होने के चलते अब इसे राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को सौंप दिया गया है, ताकि निर्माण और मरम्मत कार्य में तेजी लाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि तय समयसीमा के भीतर सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। मार्ग पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्रैश बैरियर्स, पैराफिट वॉल्स और रिटेनिंग वॉल्स का निर्माण पहले ही किया जा चुका है। अब बचा हुआ कार्य मुख्य रूप से सड़क को गड्ढा मुक्त बनाने, पैचवर्क और अन्य मरम्मत से जुड़ा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि 5 से 10 अप्रैल के बीच हर हाल में सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि उच्च स्तरीय अधिकारी जल्द ही इस मार्ग का निरीक्षण कर सकते हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का आकलन किया जा सके। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने को कहा है। चारधाम यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, ऐसे में प्रशासन किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ना चाहता। सड़क, सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं को मजबूत बनाकर इस बार यात्रा को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।