उत्तराखंड

कांवड़ यात्रा- हरिद्वार में 76 लाख से ज्यादा कांवड़ियों ने लगाई आस्था की डुबकी

कांवड़ यात्रा- हरिद्वार में 76 लाख से ज्यादा कांवड़ियों ने लगाई आस्था की डुबकी..

 

 

उत्तराखंड: सावन माह के पहले सोमवार के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह शिवभक्ति में डूबी नजर आई। कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है और हर की पैड़ी से लेकर प्रमुख शिवालयों तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन के अनुसार, पिछले चार दिनों में 76 लाख से अधिक कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो चुके हैं। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। विशेष रूप से कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर, जिसे भगवान शिव के ससुराल के रूप में भी धार्मिक मान्यता प्राप्त है, वहां भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते नजर आए।

इसी दौरान हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित अपनी पत्नी प्रज्ञा दीक्षित के साथ दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद उन्होंने कांवड़ यात्रा के सफल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण संचालन के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं के बीच फल और पेयजल का भी वितरण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी श्रद्धालु को दर्शन, जलाभिषेक या अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

पूजा-अर्चना के बाद जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर, प्रवेश और निकास मार्गों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, चिकित्सा सुविधाओं, पेयजल, सफाई और आपातकालीन व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त बल और संसाधनों की तैनाती तत्काल सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि सावन के दौरान हरिद्वार में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु और कांवड़िए पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन का सबसे बड़ा लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराना है। इसके लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि कांवड़ मेले के आगामी चरण में डाक कांवड़ शुरू होने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ेगी। इसे देखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, ताकि हाईवे और शहर के भीतर यातायात प्रभावित न हो। डाक कांवड़ के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं और वाहनों की पार्किंग के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार बैरागी कैंप, पंतद्वीप और रोड़ीबेलवाला सहित विभिन्न स्थानों पर बड़े स्तर पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा कराया जा सके। साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

कांवड़ यात्रा को देखते हुए हरिद्वार में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख मंदिरों, घाटों, कांवड़ मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेले पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। सावन के पहले सोमवार पर हरिद्वार में उमड़ी श्रद्धा और भक्ति की इस विशाल भीड़ के बीच प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि कांवड़ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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