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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की अधिसूचना जारी, आज दाखिल होंगे नामांकन, एक जुलाई को होगा अध्यक्ष का ऐलान..

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की अधिसूचना जारी, आज दाखिल होंगे नामांकन, एक जुलाई को होगा अध्यक्ष का ऐलान..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्य पद के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी है। रविवार को पार्टी प्रदेश मुख्यालय में चुनाव अधिकारी खजान दास ने राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण के निर्देश पर चुनाव अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही मतदाता सूची भी जारी कर दी गई। आज सोमवार को सुबह 12 बजे तक अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरे जा सकेंगे। दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उसके बाद 3 से 4 बजे तक नामांकन वापसी की प्रक्रिया होगी। इस चुनाव में कुल 125 मतदाता अधिकृत किए गए हैं, जो प्रदेश अध्यक्ष के लिए मतदान करेंगे। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 1 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। भाजपा के प्रदेश संगठन में नेतृत्व परिवर्तन की यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी के अगले अध्यक्ष के रूप में किस नेता का नाम सामने आता है और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति किसके नेतृत्व में आगे बढ़ेगी।

उत्तराखंड में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। रविवार को अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास ने चुनाव के नियम और पात्रता की जानकारी साझा की। प्रदेश चुनाव अधिकारी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव पार्टी के संविधान और प्रदेश परिषद व राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा तय दिशानिर्देशों के अनुसार कराया जाएगा। चुनाव की पारदर्शिता और नियमबद्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया संवैधानिक ढांचे में होगी। जो भी कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करना चाहते हैं, उन्हें फार्म (च) भरना अनिवार्य है। यह फार्म चुनाव अधिकारी से प्राप्त किया जा सकता है और निर्धारित समयावधि में जमा करना होगा। प्रदेश अध्यक्ष के लिए वही कार्यकर्ता नामांकन कर सकेंगे, जो तीन साल तक पार्टी का सक्रिय सदस्य और 10 वर्ष तक प्राथमिक सदस्य रहा हो। भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष चुनाव को लेकर स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और अनुभव आधारित होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन मापदंडों पर कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और संगठन की कमान किसे सौंपी जाती है।

यह है प्रक्रिया..
प्रदेश निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेश निर्वाचक मंडल के किसी भी 10 सदस्य यदि किसी कार्यकर्ता के नाम का संयुक्त रूप से प्रस्ताव करते हैं, तो वह कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर सकता है। लेकिन इसके साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है, यह 10 प्रस्तावक सदस्य कम से कम एक-तिहाई जिलों से निर्वाचित होने चाहिए। इस नियम का उद्देश्य है कि प्रस्तावित प्रत्याशी को संगठन के व्यापक क्षेत्रीय समर्थन का प्रतिनिधित्व प्राप्त हो। राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भाजपा के संविधान की उपधारा (2) के अनुसार चुने जाएंगे। इनका चुनाव प्रदेश परिषद द्वारा किया जाएगा, जो एक नियत प्रक्रिया के अंतर्गत होती है। इससे स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी प्रतिनिधित्व तय करने में भी संगठनात्मक संतुलन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

बता दे कि भाजपा के संगठनात्मक चुनावों को लेकर बनाए गए ये नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने वाले कार्यकर्ता अनुभव, व्यापक समर्थन और पार्टी प्रतिबद्धता के मानकों पर खरे उतरें। प्रदेश परिषद के सदस्य अपने प्रदेश से राष्ट्रीय परिषद के लिए उतनी संख्या में सदस्य निर्वाचित करेंगे, जितनी उस राज्य में लोकसभा हैं, बशर्ते कि सदस्यों में अनुसूचित जाति, जनजाति के सदस्य उस राज्य से इन वर्गों के लिए आरक्षित सीटों संख्या से कम न हो। प्रदेश के दो-दो लोकसभा क्षेत्रों को मिलाकर भागों में बांटा जाएगा। प्रत्येक भाग से कम से कम एक प्रतिनिधि अवश्य चुना जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव इस बार न केवल संवैधानिक प्रक्रिया का उदाहरण बनेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि उत्तराखंड भाजपा की भविष्य की रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

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