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उत्तराखंड

पीएम की केदारनाथ यात्रा के हैं सियासी मायने….

2019 के आम चुनावों का शंखनाद केदारनाथ से!
उत्तराखंड की किसी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं मोदी

मोहित डिमरी
केदारनाथ। दिवाली के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ पहुंचने के बाद सियासी हलकों में अटकलों का बाजार गरम हो गया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी का केदारनाथ में यह तीसरा दौरा है। पिछले डेढ़ साल में मोदी तीसरी बार केदारनाथ पहुँचे हैं और क़रीब दस बार मोदी उत्तराखंड आ चुके हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के केदारनाथ में इतनी रुचि लेने से माना जा रहा है कि इस बार आम चुनाव में भाजपा का फोकस उत्तराखंड पर रहेगा। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी पौड़ी या हरिद्वार सीट से चुनाव भी लड़ सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक ही दिवाली के मौके पर बाबा केदार के धाम जाने की योजना बनायी। हालांकि इस दौरान उत्तराखंड में निकाय चुनाव व पांच अन्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लगी थी। इसके बावजूद उनका केदारनाथ दर्शन के लिए जाना सियासी हलकों में उबाल लाने जैसा है।

सूत्रों के अनुसार अयोध्या मामले में भाजपा और संघ का रटा-रटाया राम मंदिर का मुद्दा पुराना हो चुका है और इसके झांसे में मतदाताओं के आने के कम ही चांस हैं। ऐसे में यदि मोदी केदारनाथ पुनर्निर्माण का श्रेय लेते हैं तो यह उनके लिए लाभ का कारण बन सकता है, क्योंकि उत्तराखंड ही एक मात्र ऐसा प्रदेश है जहां गंगा- यमुना भी है और शिव का धाम केदारनाथ भी हैं। चार धामों में सर्वश्रेष्ठ बद्रीनाथ धाम भी यहीं है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्षी दलों के महागठबंधन से निटपने के लिए भाजपा हिन्दुत्व का कार्ड खेल सकती है। ऐसे में केदारनाथ में किये जा रहे पुनर्निर्माण कार्य और गंगा के निर्मल और अविरलता के लिए किये जा रहे प्रयासों को भाजपा भुना सकती है।

कुछ जानकार मानते हैं कि नरेंद्र मोदी उत्तराखंड से चुनाव लड़कर पूरे हिन्दुओं का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं कि वे देवभूमि का प्रतिनिधित्व करेंगे। ऐसे में वोटों का धुर्वीकरण हो सकता है। लेकिन कुछ राजनीति जानकार मानते हैं कि मोदी ऐसी सीट से चुनाव लड़ेंगे जहां से कम से कम 20 संसदीय क्षेत्र प्रभावित हों। भाजपा नेता अभी इस संबंध में कोई भी टिप्पणी नहीं कर रहे हैं हालांकि उनका कहना है कि यदि मोदी उत्तराखंड से चुनाव लड़ते हैं तो यह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात होगी।

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