Uttarakhand DIPR
उत्तराखंड

इस बार आंगनबाड़ी के बच्चे भी करेंगे योग, विश्व योग दिवस की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक..

इस बार आंगनबाड़ी के बच्चे भी करेंगे योग, विश्व योग दिवस की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक..

 

 

उत्तराखंड: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) को इस बार उत्तराखंड में खास बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इस बार आंगनबाड़ी केंद्रों के छोटे बच्चे भी योगासन सीखेंगे और आयोजन में भाग लेंगे। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को विधानसभा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए कि योग दिवस को गांव-गांव और आंगनबाड़ी केंद्रों तक ले जाया जाए। रेखा आर्या ने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। इसे बचपन से ही जीवन में शामिल करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) सुनिश्चित कराया जाए। बच्चों के अनुकूल सरल योगाभ्यासों का चयन किया जाए। स्थानीय शिक्षक व प्रशिक्षकों की मदद से बच्चों को योग सिखाया जाए। बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पंचायत विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। मंत्री ने यह भी कहा कि इस बार का आयोजन केवल एक सरकारी औपचारिकता न होकर जनभागीदारी वाला सामुदायिक उत्सव होना चाहिए। इसके लिए पहले से प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि ग्रामीण स्तर तक अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें।

आंगनबाड़ी केंद्रों के नन्हे बच्चे भी इस बार योगाभ्यास करेंगे, जिसके लिए तैयारियां योग दिवस से एक सप्ताह पहले ही शुरू कर दी जाएंगी। खेल एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को विधानसभा सभागार में आयोजित बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बचपन से ही योग को बच्चों की दिनचर्या में शामिल करना बेहद जरूरी है। इससे उनके मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास में सहायता मिलेगी। मंत्री ने कहा कि योग सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक भारतीय शैली है। यदि हम इसे बचपन से बच्चों की आदतों में शामिल करें तो यह उनके स्वस्थ भविष्य की नींव रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि योग दिवस से एक सप्ताह पहले ही आंगनबाड़ी केंद्रों में योगाभ्यास की शुरुआत की जाएगी। बच्चों को उम्र के अनुकूल सरल योगासन सिखाए जाएंगे। अभिभावकों और समाज को भी जागरूक किया जाएगा कि वे बच्चों को योग के प्रति प्रोत्साहित करें। रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योग दिवस सिर्फ औपचारिक आयोजन न रहे, बल्कि इसमें ग्रामीण स्तर पर सामुदायिक सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और पंचायत विभागों से मिलकर कार्य करने को कहा।

इस साल 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्तराखंड में और भी खास बनने जा रहा है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, खेल विभाग और युवा कल्याण विभाग मिलकर राज्यभर में एकीकृत योग आयोजन करेंगे। यह जानकारी कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दी। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस आयोजन में सिर्फ अधिकारी या कर्मचारी ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

प्रमुख रूप से शामिल होंगे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और उनके बच्चे, शिशु सदनों (बालगृह) के बच्चे, स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्र आम नागरिक और वरिष्ठजन। कार्यक्रम में प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों की मदद से प्रतिभागियों को उनकी उम्र और शारीरिक क्षमता के अनुसार योगासन कराए जाएंगे। इससे बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सभी को योग का समुचित लाभ मिल सकेगा। रेखा आर्या ने निर्देश दिए कि योग दिवस का आयोजन राज्य स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक समान उत्साह और एकरूपता से हो। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण और सामुदायिक सहभागिता की जिम्मेदारी सौंपी।

 

 

 

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top