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उत्तराखंड

टिहरी झील में अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का समापन, सीएम धामी ने किया पुरस्कार वितरण..

टिहरी झील में अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का समापन, सीएम धामी ने किया पुरस्कार वितरण..

 

 

उत्तराखंड: टिहरी झील में रविवार को आयोजित “इंटरनेशनल प्रेसीडेंट कप-2025” एवं “चतुर्थ टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप-2025” का भव्य समापन सीएम पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह में सीएम धामी ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर भारत और विभिन्न देशों से आए खिलाड़ियों से संवाद किया और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। सीएम धामी ने कहा कि इस वर्ष 22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी महत्वपूर्ण बनाती है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे आयोजन टिहरी झील को वैश्विक साहसिक खेल मानचित्र पर स्थापित करने में सहायक हैं और प्रदेश में एडवेंचर और वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देते हैं। सीएम धामी ने खिलाड़ियों के उत्साह और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता न केवल खेलों को बढ़ावा देती है, बल्कि पर्यटन को भी मजबूत करती है।

 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने और टिहरी झील जैसे प्राकृतिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस आयोजन में जलक्रीड़ा की विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ खेलों के प्रचार-प्रसार और युवा प्रतिभाओं के समन्वय पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सीएम धामी ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आयोजन प्रदेश के पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए भी एक अवसर प्रदान करते हैं और युवा खिलाड़ियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा का अनुभव हासिल करने का मौका मिलता है। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसमें खिलाड़ियों और आयोजकों की मेहनत और समर्पण को सम्मानित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और खेल प्रेमियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले टीएचडीसी, एशियन कायकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन सहित सभी साझेदार संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। सीएम धामी ने कहा कि टिहरी झील अब केवल ऊर्जा उत्पादन या जल प्रबंधन का केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि यह पर्यटन, साहसिक खेलों और स्थानीय लोगों की आजीविका के नए अवसरों का प्रमुख आधार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि यहां समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहें, ताकि साहसिक खेलों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा मिले और टिहरी झील राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित हो। सीएम ने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजन प्रदेश के युवाओं के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्रदान करते हैं और उन्हें साहसिक खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पर्यटन और साहसिक खेलों के क्षेत्र में नई पहल और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में लगातार प्रयासरत है।

सीएम धामी ने कहा कि खेल न केवल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे आवश्यक जीवन मूल्यों को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया” जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख किया। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय खेलों में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अलावा, 2023 में चीन में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीतकर नया इतिहास रचा।सीएम धामी ने भविष्य की योजनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने खेल बजट को तीन गुना बढ़ाकर खेलों और खिलाड़ियों के लिए संसाधनों को और मजबूत किया है। कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड में खेलों और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाने के अवसर मिल सकें।

उन्होंने जोर दिया कि इस तरह के आयोजन न केवल खेल प्रतिभा को विकसित करते हैं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय आर्थिक विकास में भी सहायक हैं। इस वर्ष उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफलता ने राज्य को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित किया है। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ियों ने पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर 7वाँ स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विश्व स्तरीय खेल अवसंरचना तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम हो चुका है। हाल ही में देहरादून स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्थित आइस रिंक में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसने भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का द्वार खोला है। राज्य में शीघ्र ही “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है।

उन्होंने उल्लेख किया कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है, वहीं स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रशिक्षण और शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, उदीयमान खिलाड़ी योजना, खेल-किट योजना, सीएम खेल विकास निधि, खेल छात्रवृत्ति, उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार, हिमालय खेल रत्न पुरस्कार और प्रशिक्षकों के लिए देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड जैसी व्यवस्थाएँ राज्य में खेलों के व्यापक विकास के लिए प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। इसके साथ ही राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए चार प्रतिशत खेल-कोटा भी पुनः लागू किया गया है।

समापन समारोह में सीएम ने प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना है और यह प्रसन्नता की बात है कि सभी खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से सकारात्मक खेल-भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार उनके सपनों को पंख देने और हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगी। सीएम ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड और देश के खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम और अधिक ऊँचा करेंगे। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक किशोर उपाध्याय, जिलाधिकारी सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी, आयोजन समिति टीएचडीसी के सीएमडी सीपन गर्ग , देश और विश्व भर से आए हुए खिलाड़ी व स्थानीय जनता उपस्थित रही ।

 

 

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