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अल्मोड़ा में गोल्ज्यू महोत्सव की धूम, सात दिन तक दिखेगी उत्तराखंड की लोक संस्कृति..

अल्मोड़ा में गोल्ज्यू महोत्सव की धूम, सात दिन तक दिखेगी उत्तराखंड की लोक संस्कृति..

 

 

 

उत्तराखंड: सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में गोल्ज्यू महोत्सव की शुरुआत भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। गुरुवार को निकली शोभायात्रा में स्थानीय कलाकारों के साथ विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सांस्कृतिक दलों ने हिस्सा लिया। गोल्ज्यू महाराज के जयकारों से नगर का माहौल भक्तिमय हो गया। महोत्सव के शुरू होते ही शहर में उत्सव की रौनक देखने को मिली। सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और धार्मिक मान्यताओं की झलक देखने को मिलेगी। महोत्सव के दौरान मल्ला महल में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

लोक कला और संगीत से सजेगा महोत्सव
गोल्ज्यू महोत्सव में उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों की लोक परंपराओं को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। स्थानीय कलाकारों के साथ बाहर से आए सांस्कृतिक दल भी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध विरासत को सामने रखेंगे। पारंपरिक वेशभूषा, लोक संगीत और क्षेत्रीय नृत्य कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। आयोजन के जरिए दर्शकों को उत्तराखंड की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों के एक मंच पर आने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने की पहल
गोल्ज्यू महोत्सव का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान के बारे में जानने का अवसर मिलता है। महोत्सव स्थानीय कलाकारों के लिए भी महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके साथ ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने में भी इस तरह के कार्यक्रम मददगार साबित हो सकते हैं।

28 अक्टूबर तक मल्ला महल में होंगे कार्यक्रम
महोत्सव के आयोजक प्रकाश बिष्ट ने बताया कि आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को युवाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों को आगे बढ़ाने और लोक संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की परंपराओं को संरक्षित करने के साथ उन्हें नई पहचान भी दिलाई जा सकती है। 28 अक्टूबर तक चलने वाले गोल्ज्यू महोत्सव के दौरान मल्ला महल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। महोत्सव से अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

 

 

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