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उत्तराखंड

चारधाम यात्रा में हाईटेक स्वास्थ्य सुविधा, ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से हर यात्री पर नजर..

चारधाम यात्रा में हाईटेक स्वास्थ्य सुविधा, ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से हर यात्री पर नजर..

 

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में प्रस्तावित चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक और मजबूत स्वरूप दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक चिकित्सा प्रबंधन की तैयारी की है, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने जानकारी दी कि इस वर्ष यात्रा पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के स्वास्थ्य की निगरानी ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल के माध्यम से रियल टाइम में की जाएगी। यह व्यवस्था यात्रियों की सेहत पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगी।

यात्रा मार्गों पर आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 177 एंबुलेंस तैनात की जा रही हैं, जिनका रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखने का लक्ष्य है। इसके साथ ही हेली एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिससे गंभीर मरीजों को तुरंत उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जा सके। टिहरी क्षेत्र में एक बोट एंबुलेंस और एक हेली एंबुलेंस विशेष रूप से सक्रिय रहेंगी, जिनका संचालन एम्स ऋषिकेश के सहयोग से किया जाएगा। चारधाम यात्रा रूट पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करते हुए 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और 33 हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी, खासकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली समस्याओं जैसे सांस लेने में दिक्कत, ब्लड प्रेशर और अन्य बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार दिया जाएगा।

इसके साथ ही यात्रा के दौरान चिकित्सा सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए 16 विशेषज्ञ चिकित्सक, 46 मेडिकल अधिकारी और 85 पैरामेडिकल स्टाफ को 15 दिन के रोस्टर के आधार पर तैनात किया जाएगा। यात्रियों की सहायता के लिए 100 स्वास्थ्य मित्र भी विभिन्न पड़ावों पर मौजूद रहेंगे, जो प्राथमिक सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। सरकार का उद्देश्य इस बार चारधाम यात्रा को न केवल आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाना है, बल्कि इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित और व्यवस्थित अनुभव में बदलना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी चिंता के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।

 

 

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