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उत्तराखंड

वेद मंत्रोच्चारण और ढोल दमाऊ की मधुर ध्वनि के साथ माँ राजराजेश्वरी तालतोली की देवरा यात्रा का हुआ शुभारंभ..

वेद मंत्रोच्चारण और ढोल दमाऊ की मधुर ध्वनि के साथ माँ राजराजेश्वरी तालतोली की देवरा यात्रा का हुआ शुभारंभ..

वेद मंत्रोच्चारण के बीच इस धार्मिक कार्यक्रम का हुआ आगाज..

20 वर्ष के बाद माँ राजराजेश्वरी का बाबा केदार से मिलन..

ग्यारह गाँवों की आराध्य ईष्ट देवी है माँ राजराजेश्वरी तालतोली..

कुलदीप बगवाड़ी

Uk न्यूज़ नेटवर्क डेस्क गुप्तकाशी..

 

 

 

 

 

 

गुप्तकाशी: 11 गावों की आराध्य ईष्ट देवी माँ राजराजेश्वरी तालतोली की देवरा यात्रा का आज भाद्रपद की 13 प्रविष्ट से वेद मंत्रोच्चारण और ढोल दमाऊ की मधुर ध्वनि के बीच इस धार्मिक कार्यक्रम का आगाज हुआ, प्रात: माता रानी की मूर्ति भंडार ग्रह चौड़ी से तालतोली माता रानी के प्रगाड़ में लायी गयी, ततपश्चात विद्वान आचार्यों ने पंचाग पूजा के साथ तैंतीस कोटि देवी देवताओं के साथ बाबा केदार, श्री दक्षिणकाली, छेत्रपाल महाराज, कुष्मांडा माता का आह्वान कर पूजा अर्चना की, उसके बाद ग्यारह गाँवों की ईष्ट देवी सुप्रसिद्ध अखिल ब्रह्माण्ड नायिका जगत जननी माँ राजराजेश्वरी की डोली गर्भ गृह से बाहर अपने प्रगाड़ में आते ही वहा का वातावरण पूरा भक्तिमय होता नजर आया। भक्तों ने माता की डोली पे पुष्प वर्षा करके और भक्तिमय कर दिया, माता ने भी अपने भक्तों और बाहर से आये श्रद्धालुओं को दर्शन देकर आशीर्वाद दिया।

 

 

 

आपको बता दे कि ग्यारह गाँवों की ईष्ट देवी सुप्रसिद्ध अखिल ब्रह्माण्ड नायिका जगत जननी माँ राजराजेश्वरी की डोली इस देवरा यात्रा में 72 गांवों के भ्रमण के बाद तदनुसार 13 प्रविष्ट भाद्रपद मास बुधवार को शुभ मुहूर्त के साथ डोली को रवाना कर लिया है। और आज देवरा यात्रा प्रथम दिन में चौड़ी,नयागांव, किलातोली डेन्डुगा, दमदुमा, दन्द्रवाली, थुमथुमफौगी, गांवों का भ्रमण किया, देवरा यात्रा को लेकर ग्रामीणों में भी काफी उत्साह दिख रहा है। ग्रामीण पुष्प वर्षा करके माता रानी और सभी देवरा यात्रियों का स्वागत कर रहे है। आज प्रथम दिन में माता रानी रात्रि प्रवास के लिए बन्दोला गाव पहुंचेगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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