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उत्तराखंड

बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा दर्शन, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड बनेगा आपका यात्रा पासपोर्ट..

बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा दर्शन, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड बनेगा आपका यात्रा पासपोर्ट..

 

 

उत्तराखंड: पर्यटन विकास परिषद ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। यह कदम यात्रा को सुव्यवस्थित और नियंत्रित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। बता दे कि सभी श्रद्धालुओं को http://registrationandtouristcare.uk.gov.inवेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण आधार कार्ड के माध्यम से किया जा सकता है। पंजीकरण के बिना यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। हेली सेवा के लिए टिकटhttp://heliyatra.irctc.co.in वेबसाइट से बुक किए जा सकते हैं। इसके साथ ही वाहन चालकों और ट्रैवल एजेंसियों के लिए https://greencard.uk.gov.in/ पर जाकर ट्रिप कार्ड और ग्रीन कार्ड बनवाना अनिवार्य है। ये कार्ड यात्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अनिवार्य किए गए हैं। इन सभी सुविधाओं से दर्शन की तिथि सुनिश्चित होने से भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। साथ ही आपातकालीन सेवाओं और निगरानी में प्रशासन को आसानी होगी। यह व्यवस्था यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।

 

यात्रा से जुड़ी जानकारी के लिए ये हैं अहम हेल्पलाइन नंबर
पुलिस विभाग- 112
फायर ब्रिगेड – 101
एंबुलेंस – 108
महिला हेल्पलाइन – 1090
यात्रा कंट्रोल रूम – 0135-2559898 / 0135-2552627
पर्यटन सूचना सेवा – 1364
पुलिस के इन नंबरों पर बताएं समस्या : 9897846203 और 0135-2714484

भारी वाहनों के आवागमन पर गंगोत्री-यमुनोत्री में यहां रहेगा प्रतिबंध

उत्तरकाशी बाजार क्षेत्र (गंगोत्री मार्ग) : सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक

विकास भवन रोड, मांडो तेखला बाईपास (गंगोत्री मार्ग) : सुबह 8 से रात 8 बजे तक

गंगनानी से गंगोत्री (गंगोत्री मार्ग) : सुबह 10 से रात 8 बजे तक

दोबाटा (बड़कोट) से सिलक्यारा (यमुनोत्री-गंगोत्री मार्ग) : सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक

पालीगाड़ से जानकीचट्टी (यमुनोत्री मार्ग) : सुबह 10 से रात 8 बजे तक

चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहन चालकों के लिए ये निर्देश

बसों व टैक्सी का ग्रीन-कार्ड व ट्रिप-कार्ड लेने के बाद ही यात्रा पर जाएं।

4225 मिलीमीटर से अधिक व्हील बेस, 250 सेंटीमीटर से अधिक चौड़ाई वाले वाहनों को न ले जाएं।

सिर्फ दक्ष और अनुभवी चालक ही गाड़ियों का संचालन करें।

गाड़ियों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन उपकरण, लकड़ी का गुटका, रस्सी अनिवार्य रखें।

यात्रा शुरू करने से पहले गाड़ियों का ब्रेक, गियर, टायर, स्टीयरिंग की भलीभांति जांच करें।

पर्वतीय मार्ग पर मोड़ों पर हॉर्न बजाएं, वाहन को सुरक्षित स्थान पर ही पार्क कर हैंडब्रेक अवश्य लगाएं।

मौसम खराब होने, भूस्खलन होने की स्थिति में जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार वाहन चलाएं।

यात्रा शुरू करते समय और वापसी में यात्रा चेकपोस्ट पर तमाम जानकारियां उपलब्ध कराएं।

गाड़ियों में कूड़ेदान रखें और चालक लगातार वाहन संचालन न करें।

यात्रियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश..
1. सही मोबाइल नंबर दर्ज करें ताकि पंजीकरण संबंधी सूचनाएं प्राप्त हो सकें।
2. दर्शन टोकन प्राप्त करें, जिससे दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
3. यात्रा के दौरान गर्म कपड़े, छतरी, रेनकोट, दवाइयां साथ रखें।
4. वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं।
5. अवैध हेली टिकट और दर्शन कराने वालों से बचें।
6. यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखें और कचरा न फैलाएं।
7. वाहन की गति नियंत्रित रखें, अस्वस्थ महसूस करने पर यात्रा स्थगित करें।

 

 

 

 

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