सीएम धामी ने ट्यूलिप मिशन का किया आगाज़, खुद रोपकर शुरू की 17 प्रजातियों की खेती..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में पुष्प उत्पादन और बागवानी को नई दिशा देने की दिशा में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश में ट्यूलिप पुष्प के व्यावसायिक उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीएम ने ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत उद्यान विभाग को नवाचार आधारित रणनीति अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है। शुक्रवार को सीएम ने अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित उद्यान में ट्यूलिप बल्ब रोपण कर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर 17 विभिन्न प्रजातियों के लगभग चार हजार ट्यूलिप बल्ब लगाए गए। इनमें लेक पर्पल, बाईकलर सहित कई आकर्षक रंगों वाली प्रजातियां शामिल हैं, जो भविष्य में प्रदेश की बागवानी पहचान को नई ऊंचाई दे सकती हैं। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां पुष्प उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं।
ट्यूलिप जैसे उच्च मूल्य वाले फूलों की व्यावसायिक खेती से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं। उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्यूलिप उत्पादन को किसानों से जोड़ते हुए एक दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पुष्प उत्पादन को पर्यटन से जोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। भविष्य में ट्यूलिप गार्डन विकसित कर इन्हें पर्यटक आकर्षण के रूप में भी स्थापित किया जा सकता है, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार की इस पहल को बागवानी क्षेत्र में नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह योजना सफल होती है, तो उत्तराखंड भी देश के प्रमुख पुष्प उत्पादन राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।
सीएम धामी ने ट्यूलिप उत्पादन को लेकर उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित से विस्तार से जानकारी प्राप्त की और इसकी संभावनाओं पर चर्चा की। सीएम ने ट्यूलिप की विभिन्न प्रजातियों, उनकी देखरेख, जलवायु अनुकूलता और व्यावसायिक उपयोग को लेकर अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। उन्होंने कहा कि ट्यूलिप जैसे उच्च मूल्य वाले पुष्पों का उत्पादन प्रदेश के किसानों के लिए आय का नया स्रोत बन सकता है, बशर्ते इसे वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जाए।इसके साथ ही सीएम ने परिसर में चल रहे मशरूम उत्पादन, मौनपालन (हनी बी फार्मिंग) और अन्य बागवानी से जुड़े प्रयोगों की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें कहा कि सीमित संसाधनों और छोटे क्षेत्र में भी किस प्रकार आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर उत्पादन संभव है।
सीएम धामी ने इन गतिविधियों को किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि यदि इन मॉडलों को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में लागू किया जाए, तो स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे नवाचारों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रदर्शन इकाइयों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बागवानी, पुष्प उत्पादन, मशरूम और मौनपालन जैसे क्षेत्र पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ कम लागत में अधिक लाभ देने वाले हैं। सरकार इन क्षेत्रों में तकनीकी सहायता और नीति स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री आवास परिसर में विकसित यह मॉडल आने वाले समय में उत्तराखंड को बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।