उत्तराखंड

पहाड़ों में रोजगार बढ़ाने पर जोर, सीएम धामी ने सभी जिलों में प्रवासी पंचायतों के दिए निर्देश..

पहाड़ों में रोजगार बढ़ाने पर जोर, सीएम धामी ने सभी जिलों में प्रवासी पंचायतों के दिए निर्देश..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में पहाड़ों से पलायन रोकने और वापस लौट रहे प्रवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में सरकार ने जिला स्तर पर प्रवासी पंचायतें आयोजित करने का फैसला किया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन पंचायतों के जरिए गांव लौटे प्रवासी उत्तराखंडियों के अनुभवों और स्वरोजगार से जुड़े प्रयासों को साझा करने के साथ उनकी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। शुक्रवार को सीएम आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन की स्थिति, रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने और पहाड़ी उत्पादों को बेहतर बाजार दिलाने जैसे मुद्दों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की।

पांच जिलों में हो चुकी प्रवासी पंचायत
बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने बताया कि टिहरी, अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़ और पौड़ी में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जा चुका है। वहीं सितंबर में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में भी प्रवासी पंचायतें आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए गांव लौटे प्रवासियों से उनके अनुभव जानने के साथ स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर आजीविका बढ़ाने से जुड़े सुझाव भी लिए जा रहे हैं। आयोग ने पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और रिवर्स पलायन को गति देने के लिए कई सुझाव सीएम के सामने रखे। सीएम धामी ने अधिकारियों को आयोग की ओर से दिए गए सुझावों पर गंभीरता से काम करने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए किसी एक विभाग के बजाय सभी विभागों को अपनी योजनाओं के माध्यम से मिलकर काम करना होगा।

सीएम ने ग्रामीणों तक स्वरोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आसान तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को बार-बार दफ्तरों या बैंकों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने और योजनाओं की जानकारी गांव स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत की जाए। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में स्वरोजगार की काफी संभावनाएं मौजूद हैं। स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और लोगों के कौशल को रोजगार से जोड़कर युवाओं के लिए गांव में ही कमाई के अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। सरकार का प्रयास है कि पहाड़ के उत्पादों को बेहतर बाजार मिले और किसानों व स्थानीय उद्यमियों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त हो।

सुविधाओं के साथ आजीविका जरूरी
सीएम धामी ने कहा कि रिवर्स पलायन केवल रोजगार उपलब्ध कराने से संभव नहीं होगा। इसके लिए गांवों में बेहतर आजीविका, जरूरी सुविधाएं और विकास की संभावनाएं भी तैयार करनी होंगी। युवाओं को यदि अपने गांव में ही सम्मानजनक आय और बेहतर भविष्य के अवसर मिलेंगे तो पलायन की प्रवृत्ति को रोकने में मदद मिलेगी। बैठक में आयोग के सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सरकार ने सभी विभागों को पलायन निवारण और रिवर्स पलायन से जुड़े सुझावों को योजनाओं के धरातल पर उतारने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।

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