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उत्तराखंड

चारधाम परियोजना प्रभावितों की लड़ाई लड़ेगा जन अधिकार मंच…

चारधाम परियोजना प्रभावितों की लड़ाई लड़ेगा जन अधिकार मंच….

मुआवजा नहीं मिला तो सड़कों पर उतरेंगे परियोजना प्रभावित….

आजीविका के लिए व्यापारियों को पुनस्र्थापित करने की मांग….

रुद्रप्रयाग। जन अधिकार मंच रुद्रप्रयाग ने चारधाम परियोजना प्रभावित व्यापारियों और भवन स्वामियों के साथ बैठक कर अग्रिम रणनीति बनाई। इस मौके पर निर्णय लिया गया कि प्रभावितों को उचित मुआवजा दिये जाने के साथ ही उनके विस्थापन की कार्यवाही की जाय। इस दौरान व्यापारियों की मौजूदगी में चारधाम परियोजना प्रभावित संघर्ष समिति का भी गठन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी जन अधिकार मंच के अध्यक्ष मोहित डिमरी को सौंपी गई। महामंत्री अशोक चौधरी, कोषाध्यक्ष विपिन वर्मा और प्रचार मंत्री शैलेन्द्र गोस्वामी को बनाया गया।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि चारधाम परियोजना से प्रभावित जनपद रुद्रप्रयाग के सभी भवन स्वामियों एवं व्यवसायियों को दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाय और भवनों एवं व्यापार का मूल्यांकन कर उसका बाजार भाव से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाय। यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्ण प्रभावित व्यापारियों को सम्मानजनक पुनस्र्थापित किया जाय, ताकि उनकी आजीविका सुचारू रूप से चल सके। बैठक में तय किया गया कि व्यापारियों और भवन स्वामियों की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, भूतल परिवहन मंत्री और सांसदों से भी पत्राचार और मुलाकात की जायेगी।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष मोहित डिमरी और महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि पहाड़ के व्यापारियों और भवन स्वामियों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जो लोग चारधाम परियोजना से प्रभावित हो रहे हैं, वह कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। उनको उनके भवन और दुकान का प्रतिकर मिलना ही चाहिए। सरकार उनके पेट पर लात मारकर उनको बेघर कर रही है। प्रभावितों के साथ पूरा जनपद खड़ा है। उन्होंने कहा कि देहरादून में अवैध कब्जाधारियों (मलिन बस्ती) को सरकार ने मालिकाना हक दिया है। लेकिन पहाड़ के प्रभावितों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ के लोग शांत हैं। इसका फायदा सरकार उठा रही है। सरकार ने प्रभावितों को उचित मुआवजा और उनका पुनर्वास नहीं किया तो एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जायेगा।

व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री प्रदीप बगवाड़ी और वरिष्ठ पत्रकार रमेश पहाड़ी ने कहा कि 2013 में केदारनाथ आपदा के चलते व्यापारियों को भारी नुकसान पहुंचा था। इससे व्यापारी उबरे भी नहीं थे कि उन पर एक और आपदा की मार पड़ने जा रही है। व्यापारियों और भवन स्वामियों की दुकानें और मकानें चारधाम परियोजना की भेंट चढ़ रही हैं। ऐसे में उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष देवेन्द्र झिंक्वाण ने कहा कि सरकार प्रभावितों के नुकसान का आकलन कर उन्हें मुआवजा दे। व्यापार संघ अध्यक्ष कांता प्रसाद नौटियाल, वरिष्ठ व्यापारी माधो सिंह नेगी, जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि प्रभावितों के साथ पूरा व्यापार मंडल खड़ा है। जनपद के सभी व्यापारियों को एक कर इस लड़ाई को लड़ा जायेगा।

इस मौके पर चारधाम परियोजना प्रभावित संघर्ष समिति का गठन भी किया गया। समिति में अध्यक्ष, महामंत्री के अलावा रमेश पहाड़ी, केपी ढौंडियाल, प्रदीप बगवाड़ी, देवेन्द्र झिंक्वाण, माधो सिंह नेगी, देवेन्द्र चमोली, जोत सिंह बिष्ट, अमित रतूड़ी, राय सिंह रावत, रमेश नौटियाल, सचेन्द्र रावत, बादल रावत, प्यार सिंह नेगी, कृष्णानंद डिमरी, केशव नौटियाल, अजय भंडारी, राजेश सेमवाल, सुरेन्द्र सकलानी आदि को सदस्य नामित किया गया। इस मौके पर मुकेश चन्द्र रतूड़ी, विजय सिंह, मोहन सिंह चौहान, उम्मेद सिंह कप्रवाण, सूरज गुसाईं, सुभाष चन्द्र मोंगा, सोहन सिंह पंवार, देवेंद्र सिंह कप्रवाण, विकास पोखरियाल, शिव सिंह राणा, राम लाल चौधरी, कमल सिंह, रामानंद नौटियाल, आकाश रावत, बलवीर नेगी, विनोद कुमार, महावीर सिंह रौथाण, रिक्षित सती, राकेश वर्मा समेत कई व्यापारी उपस्थित थे।

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